प्रधानमंत्री ने दूरदर्शन पर प्रसारित हो रहे ‘सुप्रभातम’ कार्यक्रम की प्रशंसा की है और इसे भारतीय परंपराओं तथा मूल्यों को बढ़ावा देने वाला एक अनूठा प्रयास बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल दर्शकों के लिए सुबह की ताजगी लेकर आता है, बल्कि भारतीय जीवन शैली के विविध पहलुओं को भी उजागर करता है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हाल ही में कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान इसका उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सुप्रभातम’ योग, ध्यान, संस्कृति और भारतीय परंपराओं से जुड़े अनेक विषयों को समेटे हुए है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का एक अद्वितीय मिश्रण प्रस्तुत करता है।

‘सुप्रभातम’ कार्यक्रम का उद्देश्य दर्शकों को दिन की शुरुआत में ही मानसिक शांति और ऊर्जा प्रदान करना है। इसे देशभर में दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों पर प्रसारित किया जाता है और यह भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश करता है। कार्यक्रम में योगाभ्यास, आध्यात्मिक गीत, प्राचीन ग्रंथों से प्रेरक कथाएं, और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जाती है।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब जीवन की गति तेज और तनावपूर्ण हो गई है, ऐसे में ‘सुप्रभातम’ जैसे कार्यक्रम न केवल व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि यह भारतीय मूल्यों और परंपराओं की जागरूकता फैलाने में भी मदद करते हैं।

सरकारी स्तर पर, यह कार्यक्रम दूरदर्शन के उन प्रयासों का हिस्सा है जो राष्ट्रीय संस्कृति और परंपराओं के संवर्धन के लिए शुरू किए गए हैं। दूरदर्शन ने पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी है ताकि देश के नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी, अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘सुप्रभातम’ जैसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हैं। यह न केवल दर्शकों को आध्यात्मिक एवं मानसिक संतुलन प्रदान करता है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और प्रचार में भी योगदान देता है। प्रधानमंत्री की सराहना से यह कार्यक्रम और अधिक मान्यता प्राप्त कर रहा है। दूरदर्शन ने भी अपने आधिकारिक चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कार्यक्रम के महत्व और प्रधानमंत्री के संदेश को व्यापक रूप से साझा किया।

इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि भारत सरकार न केवल तकनीकी और शैक्षिक क्षेत्रों में बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी नई पहल कर रही है। ‘सुप्रभातम’ जैसे कार्यक्रम देशवासियों को अपने जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रधानमंत्री के संदेश ने यह भी संकेत दिया कि भारतीय परंपराओं और जीवन मूल्यों को आधुनिक समय के साथ जोड़कर प्रस्तुत करना कितना महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रयास न केवल दर्शकों की दिनचर्या में ताजगी लाते हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गर्व को भी मजबूत करते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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