"न रुकना है, न थकना है": खाली कुर्सियों के सामने गूंजी मोदी का भाषण; ट्रेड डील से लेकर घुसपैठियों तक सब पर बोले
राज्यसभा में पीएम मोदी का भाषण! विपक्ष के वॉकआउट के बीच प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सिखों के अपमान और विकास विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 'मोहब्बत की दुकान' चलाने वाले उनकी कब्र खोदने के सपने देख रहे हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील से लेकर नीति आयोग के गठन तक, प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन और विपक्ष के विरोध की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Budget Session 2026 : संसद के बजट सत्र के सातवें दिन राज्यसभा का दृश्य किसी ऐतिहासिक रणक्षेत्र से कम नहीं था। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने खड़े हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, सदन में विपक्ष का भारी हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई। 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारों और तीखी नोकझोंक के बीच, विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री का संबोधन जारी रहा, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली, सिखों के अपमान और देश की आर्थिक प्रगति पर चुन-चुनकर प्रहार किए।
हंगामे से वॉकआउट तक: सदन का सियासी पारा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत होते ही विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे पर तंज कसते हुए कहा, "आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए वे बैठकर भी नारे लगा सकते हैं।" इसके कुछ ही देर बाद, विपक्ष ने सामूहिक रूप से सदन का त्याग (वॉकआउट) कर दिया।
- खरगे का पलटवार: वॉकआउट के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा कि उनके नेताओं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी, उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं और विपक्ष को जवाब देने का मौका नहीं दिया जा रहा।
- लोकसभा की स्थिति: इधर लोकसभा में भी सांसदों के निलंबन और राहुल गांधी के बयान को रोके जाने के आरोपों पर हंगामा जारी रहा, जिसके कारण स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
नेहरू-इंदिरा से 'नीति आयोग' तक: विकास का नया मॉडल
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के ऐतिहासिक निर्णयों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के पास कोई विजन नहीं था। उन्होंने प्लानिंग कमीशन (योजना आयोग) को 'अटकाना, लटकाना और भटकाना' वाली कार्यशैली का प्रतीक बताते हुए नीति आयोग के गठन को गेम-चेंजर करार दिया।
संबोधन के मुख्य बिंदु :
- नया वर्ल्ड ऑर्डर: पीएम ने कहा कि भारत आज 'ग्लोबल साउथ' की आवाज बन चुका है और दुनिया भारत के साथ ट्रेड डील के लिए आतुर है।
- बैंकों और किसानों की स्थिति: मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बैंकों को 'बीमारी' से मुक्त किया और 10 करोड़ छोटे किसानों को पहली बार मुख्यधारा की प्राथमिकताओं में शामिल किया।
- सिखों का अपमान: कांग्रेस सांसद द्वारा एक सिख सांसद को 'गद्दार' कहे जाने पर पीएम भड़क गए और इसे पूरे सिख समुदाय और गुरुओं का अपमान बताया।
'कब्र खोदने' वाले नारों पर कड़ा प्रहार :
प्रधानमंत्री ने 'मोहब्बत की दुकान' के नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग संविधान की बात करते हैं, वे ही 'मोदी की कब्र खुदेगी' के सपने देख रहे हैं। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि नेहरू जी ने जिस बांध का शिलान्यास किया था, उसका उद्घाटन करने का सौभाग्य दशकों बाद उन्हें (मोदी को) मिला, जो कांग्रेस की कछुआ गति कार्यशैली को दर्शाता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
