दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। बुधवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने वरिष्ठ वकीलों से कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में आने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का इस्तेमाल करें। बेंच ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण से स्वास्थ्य को होने वाला नुकसान स्थायी हो सकता है और ऐसी परिस्थितियों में मास्क भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सकता।

जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, “आप सभी को इस समय कोर्ट नहीं आना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है, इसका प्रयोग कीजिए।” बेंच में मौजूद वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस चेतावनी पर अपनी सहमति जताई और कहा कि कई वकील हाल के दिनों में मास्क पहनकर ही कोर्ट में आ रहे हैं।

साथ ही जस्टिस नरसिम्हा ने बताया कि वे इस मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई से भी चर्चा करेंगे ताकि उचित कदम उठाए जा सकें। गौरतलब है कि वायु प्रदूषण से संबंधित मुख्य मामला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच के पास लंबित है। मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से पराली जलाने की घटनाओं पर जवाब मांगा था और सुनवाई को 17 नवंबर 2025 तक टाल दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश ने न केवल दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के खतरों को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि न्यायपालिका स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर तकनीकी साधनों के माध्यम से सुनवाई की प्रक्रिया को भी सुचारू बनाए रखने के लिए सजग है।

Ashiti Joil

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यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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