बेंगलुरु में आयोजित समारोह में जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली; केएच मुनियप्पा और प्रियांक खड़गे सहित 13 विधायक कैबिनेट में शामिल।

DK Shivakumar Oath Ceremony : कर्नाटक की सियासत में आखिरकार वह बड़ा ऐतिहासिक उलटफेर हो ही गया जिसका इंतजार बीते तीन सालों से किया जा रहा था। राज्य में सत्ता के गलियारों से लेकर जनमानस तक, हर कोई इस पल का गवाह बना जब डीके शिवकुमार ने आधिकारिक तौर पर कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित एक भव्य और हाई-प्रोफाइल समारोह में राज्यपाल ने उन्हें सूबे के सर्वोच्च पद की शपथ दिलाई, जिसके साथ ही राज्य में 'डीके युग' का शंखनाद हो गया। सत्ता के इस सीधे हस्तांतरण ने न केवल दक्षिण भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि कांग्रेस के भीतर के नए शक्ति संतुलन को भी सरेआम प्रदर्शित कर दिया है। इस ऐतिहासिक मोड़ पर जहां निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद मुस्कुराते हुए गुलदस्ते के साथ डीके शिवकुमार का स्वागत किया, वहीं मंच पर कांग्रेस आलाकमान के शीर्ष नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी ने इस आयोजन को बेहद खास और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत बना दिया।

डीके शिवकुमार के राजतिलक के तुरंत बाद राज्य के नए कैबिनेट की रूपरेखा भी साफ हो गई, जिसमें जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को बेहद बारीकी से साधा गया है। सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने डीके शिवकुमार के ठीक बाद पद की शपथ ली। नई सरकार के गठन के इस पहले ही चरण में 14 सदस्यीय कैबिनेट को मैदान में उतारा गया है, जिसमें 13 नए मंत्रियों को शामिल कर प्रशासनिक और सामाजिक संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की गई है। इस नई कैबिनेट में सबसे बड़ा और अनुभवी चेहरा दलित समुदाय के कद्दावर नेता के.एच. मुनियप्पा का है, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है। सत्तर वर्ष से अधिक की आयु पार कर चुके मुनियप्पा कोलार लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके हैं और पूर्व में केंद्रीय खाद्य और आपूर्ति मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इस बार वे देवनहल्ली सीट से पहली बार विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं और कैबिनेट में एक मजबूत दलित चेहरे के रूप में उभरे हैं।

इस हाई-प्रोफाइल मंत्रिमंडल में अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिल रहा है। मुनियप्पा के अलावा कांग्रेस के कई अन्य दिग्गज नेताओं को भी इस कैबिनेट में जगह दी गई है, जिन्होंने एक-एक करके मंच पर मंत्री पद की शपथ ली। नए मंत्रियों की इस सूची में केजी जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जखोली, कृष्ण बायरेगौड़ा, और कांग्रेस अध्यक्ष के पुत्र प्रियांक खड़गे जैसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं। इनके साथ ही यूटी खेदार, ईश्वर खांद्रे, यतीन्द्र सिद्धारमैया, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार में अपनी जगह पक्की की है। यतीन्द्र सिद्धारमैया की कैबिनेट में एंट्री ने साफ कर दिया है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद सिद्धारमैया गुट का प्रभाव सरकार में पूरी तरह बरकरार रहने वाला है। बेंगलुरु का यह भव्य समारोह केवल एक सरकार का शपथ ग्रहण नहीं था, बल्कि यह कर्नाटक की भविष्य की राजनीति की नई दिशा तय करने वाला एक बड़ा मोड़ साबित होने जा रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में पूरे देश की राजनीति पर दिखाई देगा।

Updated On 3 Jun 2026 4:56 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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