सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली एनसीआर में इस वर्ष दिवाली को बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने जमकर आतिशबाजी की और ढ़ेर सारे पटाखे जलाकर दिवाली मनाई। लेकिन इस आतिशबाजी का असर बहुत हानिकारक साबित हुआ और अगली सुबह दिल्ली-एनसीआर की हवा प्रदुषण के कारण जहरीली हो गई है।


दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद समेत अन्य इलाकों में दिवाली के बाद एयर क्वालिटी बहुत ही खराब हो गई। जिसके कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बहुत तेज़ी से बढ़ गया। इसी के चलते दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों को रेड जोन घोषित कर दिया गया है।


जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास मंगलवार कि सुबह को AQI 317 दर्ज किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दी थी, लेकिन लोग देर रात तक पटाखे जलाते रहे। इसके अलावा उत्तर और मध्य भारत में दिवाली के बाद पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है।


हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है। 2015 में NGT ने पराली जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे किसानों को पराली का निपटारा करने में मुश्किल होती है। दिवाली की रात राजधानी का AQI 344 था और कई जगह यह 400 के करीब पहुँच गया। CPCB के अनुसार, सोमवार रात द्वारका में AQI 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 था। राजधानी के 36 इलाके रेड जोन में रखे गए। नई दिल्ली के पूसा क्षेत्र की हवा सबसे ज्यादा खराब रही, जहां AQI 999 तक पहुंच गया।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story