हिमालय की ऊँचाइयों और बर्फीली हवाओं के बीच एक बार फिर से जनजीवन की रफ्तार लौट आई है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) ने अपनी प्रतिष्ठित दिल्ली–कीलांग–लेह बस सेवा को 26 मई 2026 से पुनः शुरू कर दिया है। सर्दियों में भारी हिमपात के कारण बंद रहे मनाली–लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब हालात सामान्य होने के बाद यह सेवा एक बार फिर यात्रियों के लिए खोल दी गई है। यह बस सेवा न केवल परिवहन का साधन है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण और साहसिक यात्रा मार्ग भी है।

यह रूट देश के सबसे ऊँचे और चुनौतीपूर्ण बस मार्गों में से एक माना जाता है, जो हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों से होकर लद्दाख की कठोर लेकिन मनमोहक भूमि तक पहुँचता है। बस का संचालन दिल्ली के आईएसबीटी कश्मीरी गेट से शुरू होकर चंडीगढ़, मंडी, कुल्लू और मनाली होते हुए आगे बढ़ता है। मनाली के बाद यह बस अटल टनल (रोहतांग) से गुजरते हुए कीलांग पहुँचती है, जहाँ कई परिचालन परिस्थितियों में चालक दल का ठहराव या बदलाव किया जाता है।


इसके बाद यह यात्रा जिस्पा, दारचा और सरचू जैसे दुर्गम क्षेत्रों से होती हुई बारालाचा ला, लाचुलुंग ला और तांगलांग ला जैसे 13,000 से 16,000 फीट से अधिक ऊँचाई वाले खतरनाक लेकिन अत्यंत सुंदर पर्वतीय दर्रों को पार करती है। अंततः यह बस उपशी होते हुए लेह, लद्दाख तक पहुँचती है।

इस पूरे मार्ग की कुल दूरी लगभग 980 से 1,026 किलोमीटर के बीच है, जिसे पूरा करने में लगभग 26 से 42 घंटे का समय लगता है। दिल्ली से बस का प्रस्थान सामान्यतः दोपहर लगभग 12:10 से 12:15 बजे के आसपास होता है, जबकि लेह पहुँचने का समय अगले दिन शाम करीब 7 बजे के आसपास माना जाता है। कुछ परिचालन व्यवस्थाओं में कीलांग में रात्रि विश्राम की सुविधा भी शामिल रहती है, जबकि हाल के समय में मौसम और सड़क स्थिति के अनुसार यात्रा को बिना लंबे ठहराव के भी आगे बढ़ाया जाता है।

यात्रियों के लिए इस सेवा का किराया लगभग 1,657 रुपये से 1,839 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। टिकटों की बुकिंग हिमाचल पथ परिवहन निगम की आधिकारिक ऑनलाइन प्रणाली और संबंधित ऐप्स के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है, जिससे यात्रियों को पहले से सीट आरक्षित करने की सुविधा मिलती है।

यह बस सेवा केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं बल्कि साहसिक पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। यह मार्ग ऊँचाई वाले पर्वतीय दर्रों, ग्लेशियरों और ठंडे रेगिस्तानों से होकर गुजरता है, जहाँ प्राकृतिक दृश्य अत्यंत मनोहारी होते हैं। यह सेवा विशेष रूप से बजट यात्रियों, बैकपैकर्स, साहसिक पर्यटकों और बाइकिंग प्रेमियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है, जो लद्दाख की यात्रा को एक अनुभव के रूप में जीना चाहते हैं।

HRTC की यह सेवा केवल गर्मियों के महीनों में ही संचालित की जाती है, जो सामान्यतः मई या जून से शुरू होकर सितंबर तक चलती है। सर्दियों में भारी बर्फबारी और सड़क मार्गों के बंद हो जाने के कारण इसे अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है। इस मार्ग पर यात्रा पूरी तरह से सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा सड़क सफाई और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर रहती है, जिसके कारण इसमें देरी या परिवर्तन की संभावना बनी रहती है।

मनाली–लेह मार्ग की यह बस सेवा देश के सबसे चुनौतीपूर्ण और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, जो न केवल पर्यटकों के लिए बल्कि स्थानीय संपर्क और क्षेत्रीय विकास के लिए भी अहम भूमिका निभाती है। जैसे ही यह सेवा पुनः शुरू हुई है, लद्दाख की ओर बढ़ने वाली यात्राओं में एक बार फिर उत्साह और गति लौट आई है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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