आंध्र प्रदेश के गोदावरी में मौत का आंकड़ा बढ़ा ; जानें क्या है एथिलीन ग्लाइकोल जिसने छीन लीं 13 जिंदगियां
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में जहरीले दूध की सप्लाई से 13 लोगों की मौत और कई गंभीर रूप से बीमार हो गए। जांच में दूध में एथिलीन ग्लाइकोल जैसे खतरनाक रसायन की मौजूदगी सामने आई है। पुलिस ने डेयरी संचालक को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

आंध्र प्रदेश जहरीला दूध मामला
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में सामने आई एक भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। दूध जैसी रोज़मर्रा की चीज़, जिसे स्वास्थ्य और पोषण का प्रतीक माना जाता है, वही इस बार कई परिवारों के लिए जानलेवा साबित हुई। स्थानीय स्तर पर सप्लाई किए गए दूध में जहरीले रसायन एथिलीन ग्लाइकोल की मिलावट के कारण कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पतालों में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कैसे सामने आई त्रासदी:
यह घटना राजमहेंद्रवरम (राजामुंदरी) शहर के आसपास के इलाकों में सामने आई, जहां एक स्थानीय डेयरी वरलक्ष्मी मिल्क डेयरी द्वारा सप्लाई किया गया दूध सैकड़ों घरों तक पहुंचता था। बताया जा रहा है कि इस डेयरी से आने वाला दूध आसपास के करीब 100 से अधिक परिवारों द्वारा रोज़ाना इस्तेमाल किया जाता था। घटना की शुरुआत तब हुई जब दूध पीने के कुछ ही घंटों बाद कई लोगों को अचानक उल्टी, पेट में तेज दर्द और चक्कर आने लगे। देखते ही देखते कई मरीजों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
एथिलीन ग्लाइकोल क्या है और कितना खतरनाक:
एथिलीन ग्लाइकोल एक औद्योगिक रसायन है, जिसका उपयोग आमतौर पर कूलेंट, एंटीफ्रीज़ और रेफ्रिजरेशन सिस्टम में किया जाता है। यह रसायन इंसानों के लिए अत्यंत विषैला माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार जब यह पदार्थ शरीर में प्रवेश करता है तो शरीर इसे कई प्रकार के विषैले अम्लों में परिवर्तित कर देता है। ये अम्ल विशेष रूप से किडनी, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति मल्टी-ऑर्गन फेलियर तक पहुंच सकती है, जो अक्सर घातक साबित होती है।
दूध में रसायन कैसे मिला – जांच में सामने आई आशंकाएं
प्राथमिक जांच के आधार पर अधिकारियों ने कुछ संभावित कारणों की पहचान की है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
- जांच एजेंसियों के अनुसार संभावित कारणों में शामिल हैं:
- दूध को ठंडा रखने वाली मशीन या चिलिंग यूनिट से कूलेंट का रिसाव, जिससे रसायन दूध में मिल गया।
- खराब फ्रीजर या कंटेनर में दूध का स्टोरेज, जहां रेफ्रिजरेशन सिस्टम से निकलने वाला कूलेंट दूध में घुल सकता था।
- लापरवाही या अनदेखी, क्योंकि कुछ उपभोक्ताओं ने दूध के स्वाद में बदलाव की शिकायत भी की थी, बावजूद इसके सप्लाई जारी रही।
इन सभी पहलुओं की जांच फिलहाल संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।
त्रासदी का व्यापक असर:
इस जहरीले दूध के सेवन से केवल मौतें ही नहीं हुईं, बल्कि कई लोग गंभीर रूप से बीमार भी हो गए।
- करीब 20 लोगों में तीव्र किडनी फेलियर के लक्षण पाए गए।
- कई मरीजों को डायलिसिस की जरूरत पड़ी।
- कुछ की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा।
- पीड़ितों में बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो ऐसे जहर के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
स्थानीय अस्पतालों में अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से चिकित्सा तंत्र पर भी भारी दबाव देखने को मिला।
घटना सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया। सबसे पहले संबंधित डेयरी से होने वाली दूध की सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डेयरी संचालक को गिरफ्तार कर लिया और डेयरी यूनिट को सील कर दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य जांच एजेंसियों ने मौके से नमूने इकट्ठा कर विस्तृत परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे हैं। साथ ही राज्य सरकार ने पूरे क्षेत्र में दूध और डेयरी उत्पादों की व्यापक जांच अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी अन्य स्थान पर ऐसी घटना दोबारा न हो।
यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करती है। भारत के कई हिस्सों में दूध की सप्लाई अभी भी छोटे और अनौपचारिक विक्रेताओं के जरिए होती है, जहां निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण अक्सर सीमित रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दूध के उत्पादन, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया में कड़ी निगरानी और नियमित परीक्षण सुनिश्चित नहीं किए गए, तो ऐसी घटनाओं का खतरा बना रह सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
