देश की छवि पर संकट; आवारा कुत्तों के मुद्दे पर भड़का सुप्रीम कोर्ट
अवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा, अगस्त से दो महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया।

आवारा कुत्तों के मामले में राज्योंने कोई भी कड़ा कदम अभीतक नहीं उठाया है। इस बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट की नाराज है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लेकर सभी राज्यों के लिए आदेश भी जारी किया था। इस बात को लेकर कोर्ट ने सरे राज्यों के मुख्या सचिवों को कोर्ट में उपस्थित रहने के आदेश दिए है। इस आदेश में सिर्फ दो राज्य अपवाद बने है। वह दो राज्य याने तेलंगना और पश्चिम बंगाल। इनको कोर्ट में उपस्थित नहीं होना होगा क्योंकि उन्होंने अपना हलफनामा पहले से ही कोर्ट में दर्ज किया है। तो चलिए जानते है की क्या है ये पूरा मामला।
आवारा कुत्तों के लगातार बढ़ते हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि अगस्त में आदेश जारी करने के बाद दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी राज्य सरकार की तरफ से हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में इस मामले की सुनवाई का दायरा पूरे देश तक बढ़ाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को नोटिस भेजा था। कोर्ट ने उस समय दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को पकड़कर स्टरलाइज और वैक्सिनेट करने के बाद उन्हें उनके इलाके में ही छोड़ने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि आदेश के बावजूद देशभर में बच्चों पर कुत्तों के हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे और भंडारा जिलों में छोटे बच्चों पर हुए हमलों ने चिंता और बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसी घटनाएं न सिर्फ लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि भी खराब हो रही है। कोर्ट ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “दो महीने बीत गए, लेकिन राज्यों ने अभी तक जवाब नहीं दिया। यह स्थिति बेहद गंभीर है।”

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
