विपक्ष के प्रखर योद्धा से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का रोमांचक सफर; जानें कैसा हुआ केरल में नए युग का आगाज
केरल के नए मुख्यमंत्री बने वी.डी. सतीशन; 100 सीटों की ऐतिहासिक जीत और परावुर से 6 बार के विधायक सतीशन के हाथों में अब राज्य की कमान। जानिए उनके सफर की पूरी कहानी।

केरल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद तिरुवनंतपुरम में खुली जीप में समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते वी.डी. सतीशन और अन्य कांग्रेस नेता।
VD Satheesan Kerala CM News : केरल की राजनीतिक बिसात पर एक नया अध्याय शुरू हो गया है। कांग्रेस आलाकमान ने गुरुवार, 14 मई 2026 को वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीशन के नाम पर मुहर लगाकर उन्हें केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। यह फैसला न केवल एक नेतृत्व परिवर्तन है, बल्कि केरल की सत्ता के गलियारों में एक नए और ऊर्जावान युग की दस्तक भी है।
वी.डी. सतीशन, जिनका पूरा नाम वाडासेरी दामोदरन सतीशन है, राज्य की राजनीति में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। कोच्चि के नेत्तूर में 1964 को जन्मे सतीशन ने छात्र राजनीति (NSUI) की तपिश से निकलकर सत्ता के शिखर तक का सफर अपनी प्रखर बुद्धिमानी और रणनीतिक कौशल के दम पर तय किया है। पेशे से वकील सतीशन ने केरल हाईकोर्ट में अपनी कानूनी पैठ बनाई, लेकिन उनकी असली पहचान परावुर विधानसभा सीट से जुड़ी है, जहां वे पिछले छह बार से लगातार विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
सतीशन की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे उनका वह साहसी 'जुआ' है, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा। उन्होंने चुनाव से पहले यह घोषणा की थी कि यदि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) 140 में से 100 सीटें नहीं जीतता है, तो वे राजनीति से सन्यास लेकर 'वनवास' पर चले जाएंगे। उनके इस आत्मघाती दांव ने न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरा, बल्कि यूडीएफ को एक अभूतपूर्व जीत भी दिलाई।
विपक्ष के नेता के तौर पर उनका कार्यकाल पिनरई विजयन सरकार के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। भ्रष्टाचार, गोल्ड स्मगलिंग और विवादित सिल्वरलाइन रेल परियोजना जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार की नींव हिला दी थी। एक अध्ययनशील राजनेता के रूप में प्रसिद्ध सतीशन ने महज 2025 में ही 60 से अधिक पुस्तकें पढ़कर अपनी 'बुकवर्म' छवि को पुख्ता किया। उनकी धर्मनिरपेक्ष छवि और संसदीय कार्यप्रणाली ने उन्हें नई पीढ़ी का सबसे प्रभावशाली चेहरा बना दिया है।
कांग्रेस द्वारा सतीशन को मुख्यमंत्री के रूप में आगे बढ़ाना पार्टी की उस दूरगामी रणनीति का हिस्सा है, जहां अनुभव और युवा जोश का संतुलन साधा जा रहा है। यह नियुक्ति केरल में भ्रष्टाचार मुक्त और विकासोन्मुखी शासन की नई उम्मीदें जगाती है, जिसका असर आने वाले समय में दक्षिण भारत की राजनीति पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
