इंदौर में सर्दी ने एक बार फिर अपना कहर दिखाया है। रविवार‑सोमवार की रात को शहर का न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो हाल के दस वर्षों में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले शनिवार की रात को पारा 6.2 डिग्री सेल्सियस था, यानी सिर्फ एक रात में तापमान में लगभग 0.5–1 डिग्री की गिरावट देखी गई।

इस अप्रत्याशित गिरावट ने शहरवासियों को ठंड की चुभन का अहसास कराया और मौसम विशेषज्ञों की भी चिंता बढ़ा दी। इंदौर में इस सर्दी ने शहरी जीवन को प्रभावित करते हुए लोगों को घरों में गर्म कपड़े और अलाव की ओर मोड़ दिया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे प्रमुख कारण उत्तर‑पश्चिमी हवाएँ और एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हैं। यह विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप में ठंडी हवाओं का एक प्राकृतिक मार्ग बनाकर मध्य प्रदेश तक पहुंचा, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट हुई। इसके अतिरिक्त, रात का मौसम साफ और खुला रहने के कारण रैडिएशन कूलिंग भी हुई, जो न्यूनतम तापमान में और गिरावट का जिम्मेदार रही।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी ठंड का प्रभाव देखा गया। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5–7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने सर्दी और शीतलहर के चलते कुछ जिलों में शीतलहर अलर्ट जारी किया है, ताकि लोग आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ और स्वास्थ्य प्रभावित न हो।

इस रिकॉर्ड तोड़ सर्दी का असर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में महसूस किया गया। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और संवेदनशील लोग इस अचानक ठंड से अधिक प्रभावित हुए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से गरम कपड़े पहनने, गर्म पेय लेने और रात में अलाव का प्रयोग करने की सलाह दी है।

शहर के स्कूल और कॉलेज प्रशासन ने भी इस मौसम के मद्देनज़र विद्यार्थियों और कर्मचारियों को आवश्यक चेतावनी जारी की है। स्थानीय प्रशासन ने नगरवासियों से घरों में सुरक्षित रहने और रात में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी यह ठंड जारी रह सकती है। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर‑पश्चिमी हवाओं की सक्रियता के कारण तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

इंदौर में इस रिकॉर्ड तोड़ सर्दी ने मौसम की अनिश्चितता और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की शक्ति को फिर एक बार प्रमाणित किया है। केवल 0.5–1 डिग्री की मामूली रातोंरात गिरावट ने नागरिक जीवन को प्रभावित किया और प्रशासन तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों को सतर्क रहने के लिए मजबूर किया। यह घटना याद दिलाती है कि मौसम की अचानक गंभीर परिस्थितियों के लिए हर व्यक्ति को सतर्क और तैयार रहना आवश्यक है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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