देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे असंतोष और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बीच “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) एक बार फिर सुर्खियों में है। यह आंदोलन, जिसे अभिजीत दीपके ने एक व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के रूप में शुरू किया था, अब देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का रूप ले चुका है। आंदोलन का उद्देश्य हालिया NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, UGC-NET रद्द होने और शिक्षा प्रणाली से जुड़े अन्य विवादों के खिलाफ आवाज उठाना है।

CJP की ओर से यह भी मांग की जा रही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। आंदोलनकारियों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रियाओं में गंभीर खामियों और व्यवस्थागत विफलताओं के कारण देश के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, बढ़ती बेरोजगारी और कथित रूप से 45 प्रतिशत युवा बेरोजगारी दर को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।



इस आंदोलन को उस समय और बल मिला जब पर्यावरण एवं शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसके पहले दिल्ली में आयोजित जंतर-मंतर रैली में भाग लिया। 6 जून को हुए इस प्रदर्शन में वांगचुक ने मंच से संबोधित करते हुए इसे केवल शिक्षा का नहीं बल्कि व्यापक प्रणालीगत सुधार की शुरुआत बताया। उन्होंने यह भी जोर दिया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन द्वारा अनुमति दिए जाने के लिए आभार व्यक्त किया और इसे टकराव की बजाय एक “आह्वान” के रूप में प्रस्तुत किया।



इसी बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 10 जून को अपने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर घोषणा करते हुए बताया कि सोनम वांगचुक 11 जून को पुणे में होने वाले प्रदर्शन में भी शामिल होंगे। इस घोषणा के बाद आंदोलन को लेकर देशभर में उत्सुकता और बढ़ गई है। CJP ने घोषणा की है कि 11 जून को पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह प्रदर्शन देश के विभिन्न शहरों में होने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ दबाव बनाना है।

वांगचुक की भूमिका को लेकर पहले भी चर्चा रही है, क्योंकि उन्होंने आंदोलन के शुरुआती चरणों में इसे “युवाओं द्वारा संचालित और वास्तविक मुद्दों पर आधारित” बताया था। उन्होंने संकेत दिया था कि यदि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। दिल्ली में उनकी भागीदारी ने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर अतिरिक्त ध्यान दिलाया था।

देश में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर चल रहा यह आंदोलन अब कई शहरों तक फैलता दिखाई दे रहा है। पुणे में प्रस्तावित प्रदर्शन को इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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