आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आर्मूर-जगतियाल-मंचेरियल और जगतियाल-करीमनगर खंड को चार लेन करने के लिए 7,597.16 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी।

Telangana Highway Project : तेलंगाना के बुनियादी ढांचे और सड़क परिवहन के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की आर्थिक प्राथमिकताओं को रफ्तार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने तेलंगाना में एक विशाल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस महा-परियोजना के तहत राज्य के दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न खंडों को चार लेन में विस्तारित किया जाएगा, जो न केवल यहां की रफ्तार को दोगुना करेगा बल्कि दक्षिण भारत के इस प्रमुख राज्य में विकास के नए द्वार खोलेगा। इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई 190.76 किलोमीटर होगी, जिसके निर्माण पर सरकार कुल 7,597.16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रही है। यह फैसला राज्य के परिवहन ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाला है।

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-63 (NH-63) के आर्मूर-जगतियाल-मंचेरियल खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग-563 (NH-563) के जगतियाल-करीमनगर खंड का कायाकल्प किया जाएगा। सरकार ने इसके निर्माण के लिए आधुनिक और व्यावहारिक वित्तीय मॉडलों को चुना है। इसके तहत एनएच-63 के आर्मूर-जगतियाल और जगतियाल-मंचेरियल खंड का विकास हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के आधार पर किया जाएगा, जबकि एनएच-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर यानी बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित करने की आधिकारिक मंजूरी दी गई है। यह रणनीतिक कदम निजी निवेश और सरकारी सहयोग के बेहतरीन संतुलन को दर्शाता है।

भौगोलिक और सामाजिक दृष्टिकोण से यह परियोजना तेलंगाना के निजामाबाद, जगतियाल और मंचेरियल जैसे घनी आबादी वाले जिलों की जीवनरेखा बनने जा रही है। वर्तमान समय में अंक्सापूर, कोरुटला, जगतियाल, धर्मपुरी, लक्षेट्टीपेट, मंचेरियल, पोथाराम, गंगाधारा और करीमनगर जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजाना भारी यातायात के दबाव और दमघोंटू जाम से जूझना पड़ता है। इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए नई परियोजना के तहत इन सभी घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष बाईपास सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही हाईवे पर आधुनिक 'ओपन टोलिंग प्रणाली' लागू की जाएगी ताकि वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना न पड़े। इस पूरी सड़क को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में सफर न केवल तेज होगा, बल्कि बेहद सुरक्षित और सुगम भी हो जाएगा।

इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद समय और पैसे की बड़ी बचत होने का अनुमान लगाया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, आर्मूर और मंचेरियल के बीच यात्रा करने वाले लोगों के समय में करीब डेढ़ घंटे की बड़ी कटौती होगी, जबकि जगतियाल और करीमनगर के बीच का सफर लगभग 45 मिनट कम हो जाएगा। इस गतिशीलता का सीधा लाभ आम यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों को मिलेगा। सरकार का आधिकारिक दावा है कि इस परियोजना के पूरा होने से वाहनों के संचालन की लागत घटेगी, ईंधन की भारी बचत होगी और सबसे बढ़कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

यह संपूर्ण परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री गति शक्ति' के मूल सिद्धांतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके माध्यम से पांच बड़े आर्थिक केंद्र, सात सामाजिक केंद्र और 10 लॉजिस्टिक केंद्र आपस में सीधे और बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे, जिससे वैश्विक मंच पर भारत के लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (एलपीआई) में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इस मार्ग के चालू होने से सिद्धिपेट और वारंगल अर्बन के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), निजामाबाद और सिद्धिपेट के मेगा फूड पार्क के साथ-साथ राजन्ना सिरसिला के मत्स्य एवं समुद्री खाद्य क्लस्टर को एक मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा वेमुलावाड़ा, कोंडागट्टू, नागुनूर किला, धर्मपुरी, कालेश्वरम, लोअर मन्नैर बांध और किला फोर्ट जैसे पौराणिक व ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।

आर्थिक मोर्चे पर यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का महा-साधन बनने जा रही है। इसके तहत निजामाबाद, जगतियाल, पेद्दापल्ली, कोरुटला, मंचेरियल, पोद्दुर, गंगाधारा और करीमनगर रेलवे स्टेशनों को मिलने वाली बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार को नई ऊंचाई मिलेगी। सबसे खास बात यह है कि इस विशाल निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरी परियोजना के निर्माण काल के दौरान लगभग 34.43 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष रोजगार और 42.70 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। धर्मशाला से लेकर देश के इस हिस्से तक बुनियादी ढांचे का यह विकास आने वाले समय में तेलंगाना की अर्थव्यवस्था को एक नई और अटूट रफ्तार देने का काम करेगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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