आखिर क्यों SC को नियुक्त करने पड़े पांच नए न्यायाधीश ? जानें क्या है पूरी खबर
केंद्र सरकार ने पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की, वरिष्ठ वकील वी. मोहना बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली दूसरी महिला बनीं।

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट भवन (दाएं) और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (बाएं) की पृष्ठभूमि के साथ पांच नवनियुक्त न्यायाधीशों (बाएं से दाएं: जस्टिस अरुण पल्ली, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस शील नागू, जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस वी. मोहना) के चित्रों को दर्शाता एक समाचार ग्राफिक
Five new judges appointed to Supreme Court : देश की सर्वोच्च अदालत के इतिहास में त्वरित न्याय की दिशा में एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा अलग-अलग जारी की गई आधिकारिक अधिसूचनाओं के बाद शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की कुल संख्या अब बढ़कर 37 हो गई है। यह ऐतिहासिक बदलाव इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि नवनियुक्त न्यायाधीशों में चार विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश हैं, जबकि पांचवां नाम वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना का है, जिन्होंने वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनकर न्यायिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
कॉलेजियम की सिफारिश पर महज चार दिन में लगी मुहर :
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे उल्लेखनीय बात सरकार की प्रशासनिक तत्परता रही है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अगुवाई वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गत 27 मई को इन पांचों दिग्गजों को सर्वोच्च अदालत का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच बेहतरीन समन्वय का उदाहरण पेश करते हुए सरकार ने महज चार दिनों के भीतर ही इन नियुक्तियों पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी। इन पांच नए न्यायाधीशों में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, बांबे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली शामिल हैं, जो अब देश की सबसे बड़ी अदालत का हिस्सा बनकर अपनी सेवाएं देंगे।
बार से सीधी नियुक्ति और इतिहास रचने वाली जस्टिस वी. मोहना :
इन पांच नियुक्तियों में वरिष्ठ वकील वी. मोहना का नाम सबसे ज्यादा चर्चा और गौरव का विषय बना हुआ है। जस्टिस वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में बार यानी वकालत से सीधे न्यायाधीश के पद पर नियुक्त होने वाली देश की दूसरी महिला न्यायाधीश बन गई हैं। उनसे पहले यह अद्वितीय उपलब्धि साल 2018 में जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने हासिल की थी, जिन्हें सीधे वकील से सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया था। जस्टिस वी. मोहना की इस ऐतिहासिक एंट्री के बाद अब देश की शीर्ष अदालत में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी, क्योंकि अब तक जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ही सुप्रीम कोर्ट में एकमात्र महिला न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थीं।
कानूनी अध्यादेश और स्वीकृत पदों का नया समीकरण :
सर्वोच्च अदालत में जजों की यह बंपर बहाली हाल ही में सरकार द्वारा उठाए गए विधायी कदमों का परिणाम है। केंद्र सरकार ने कुछ ही दिनों पहले एक विशेष अध्यादेश जारी करके सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में बढ़ोतरी की थी। इस अध्यादेश के लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल मंजूर पदों की संख्या बढ़कर 38 हो गई थी। सरकार ने देश भर के वादियों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करने और शीर्ष अदालत पर लंबित मुकदमों के भारी-भरकम बोझ को कम करने के उद्देश्य से यह दूरगामी फैसला लिया था। संख्या बढ़ाए जाने के बाद हुई इन पांच महत्वपूर्ण नियुक्तियों के बाद भी सुप्रीम कोर्ट में अभी मुख्य न्यायाधीश की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले एक पद रिक्त रह गया है।
त्वरित न्याय और भारतीय न्यायपालिका पर दूरगामी प्रभाव :
इन पांचों नए और अनुभवी न्यायाधीशों के विधिवत शपथ ग्रहण और पदभार संभालने के बाद सुप्रीम कोर्ट अपनी लगभग पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए तैयार हो जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च न्यायालयों के शीर्ष नेतृत्व का सुप्रीम कोर्ट में आना और बार से एक प्रखर महिला वकील की सीधी नियुक्ति होना, देश की न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक समावेशी तथा मजबूत बनाएगा। लंबित पड़े हजारों संवैधानिक और दीवानी मामलों के निपटारे में अब अभूतपूर्व तेजी आने की उम्मीद है। यह पूरा घटनाक्रम भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिक के न्यायिक भरोसे को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ आने वाले दशकों के लिए एक नया कानूनी मार्ग प्रशस्त करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
