विजयवाड़ा: आयुर्वेदिक उद्योग और अनुसंधान के क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत करते हुए केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) ने आज SIDDHI 2.0 लॉन्च किया। यह पहल आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नवाचार और अनुसंधान को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। SIDDHI 2.0 का उद्देश्य न केवल नए उत्पादों के विकास को गति देना है, बल्कि उनकी वैज्ञानिक प्रमाणिकता, सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी है।

इस अवसर पर विजयवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और नियामक अधिकारियों ने एक मंच पर आकर SIDDHI 2.0 के महत्व और आयुर्वेदिक उत्पादों के वैश्विक मानकों के अनुरूप विकास पर चर्चा की। स्वास्थ्य और आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह पहल भारत के आयुर्वेदिक ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सशक्त और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञों ने आयुर्वेदिक उत्पादों के उत्पादन, विपणन और निर्यात में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह रेखांकित किया कि केंद्रीय और राज्य स्तर के नियामक दिशा-निर्देशों के अनुपालन से ही उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। शैक्षणिक संस्थानों ने शोध, नैदानिक परीक्षण और फार्मास्युटिकल मानकों के महत्व को बताया और SIDDHI 2.0 के माध्यम से इन पहलुओं को और सुदृढ़ करने का मार्ग सुझाया।

विशेषज्ञों ने कहा कि SIDDHI 2.0 आधुनिक तकनीकों और डेटा-संचालित अनुसंधान को जोड़कर आयुर्वेदिक उत्पादों की विश्वसनीयता और स्थायित्व बढ़ाएगा। इसके माध्यम से फार्मा क्षेत्र में नई दवा अनुसंधान परियोजनाओं, क्लिनिकल ट्रायल और नवाचार को तेजी मिलेगी। संगोष्ठी में यह भी चर्चा हुई कि SIDDHI 2.0 न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारत के आयुर्वेदिक उत्पादों की प्रतिष्ठा और मान्यता बढ़ाने में मदद करेगा।

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में विभिन्न पैनल चर्चाओं और प्रस्तुति सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग, शैक्षणिक और नियामक क्षेत्र के विशेषज्ञों ने मिलकर साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन के उपाय सुझाए। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि SIDDHI 2.0 के माध्यम से आयुर्वेदिक उत्पादों का विकास अब केवल परंपरागत ज्ञान पर आधारित नहीं होगा, बल्कि वैज्ञानिक प्रमाणों और अनुसंधान-आधारित डेटा के आधार पर होगा।

समापन सत्र में यह निष्कर्ष सामने आया कि SIDDHI 2.0 पहल आयुर्वेदिक फार्मा क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को सुनिश्चित करेगी। राष्ट्रीय संगोष्ठी ने उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत किया और नीति निर्माताओं के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश प्रस्तुत किए।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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