नई दिल्ली। भारत के आर्थिक कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय कल यानी 1 फरवरी, 2026 को लिखा जाने वाला है, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद के पटल पर देश का आम बजट पेश करेंगी। यह बजट केवल सरकारी आय-व्यय का लेखा-जोखा मात्र नहीं है, बल्कि विकसित भारत के संकल्प और आम आदमी की जेब के बीच के संतुलन की एक बड़ी परीक्षा भी है। इस बार के बजट को लेकर चौतरफा हलचल तेज है, जहाँ एक ओर मध्यम वर्ग टैक्स में राहत की टकटकी लगाए बैठा है, वहीं दूसरी ओर उद्योग जगत अपनी रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़े प्रोत्साहनों की बाट जोह रहा है।

देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोग इस उम्मीद में हैं कि सरकार नए टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को विस्तार देगी, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उनके हाथों में खर्च करने योग्य आय बढ़ सके। कृषि प्रधान भारत के लिए यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी दे सकता है। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि पीएम किसान सम्मान निधि की वार्षिक राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जा सकती है, साथ ही कीटनाशकों पर जीएसटी की दरों को तर्कसंगत बनाकर किसानों की लागत कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। रियल एस्टेट सेक्टर भी इस बार बड़े बदलावों की उम्मीद कर रहा है, जहाँ होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा बढ़ने से आम आदमी के अपने घर का सपना सच होना आसान हो सकता है। आधुनिक भारत की नींव के रूप में 'मेक इन इंडिया' और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर सरकार का विशेष फोकस रहने की संभावना है, जिससे तकनीकी निवेश के नए द्वार खुल सकते हैं।

बजट का एक अत्यंत संवेदनशील पहलू सराफा बाजार से जुड़ा है। वर्तमान में सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू रही हैं, जिसने आम खरीदार और ज्वैलरी इंडस्ट्री दोनों को असमंजस में डाल रखा है। समूचे देश की नजरें सोने-चांदी पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी (आयात शुल्क) पर टिकी हैं। यदि वित्त मंत्री आयात शुल्क में कटौती की घोषणा करती हैं, तो घरेलू बाजार में कीमतों में तत्काल गिरावट देखने को मिल सकती है, जो शादी-ब्याह के सीजन में बड़ी राहत साबित होगी। इसके विपरीत, शुल्क में बदलाव न होने की स्थिति में कीमतें अंतरराष्ट्रीय रुझानों के दबाव में रहेंगी। साथ ही, ज्वैलरी खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता वाली दो लाख रुपये की वर्तमान सीमा को बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। कल का दिन न केवल अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगा कि सरकार विकास की गति और जनता की आकांक्षाओं के बीच कैसा सामंजस्य बैठाती है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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