डोभाल की अध्यक्षता में BRICS सुरक्षा बैठक ; चीन-रूस-ईरान समेत 11 देश होंगे शामिल
नई दिल्ली में 22-23 जून 2026 को आयोजित होने वाली BRICS NSA बैठक वैश्विक सुरक्षा सहयोग, आतंकवाद-रोधी रणनीति, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर केंद्रित होगी। अजीत डोभाल की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में चीन, रूस, ईरान सहित 11 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

नई दिल्ली में BRICS सुरक्षा सलाहकारों की बैठक
नई दिल्ली में 22 से 23 जून 2026 के बीच आयोजित होने जा रही BRICS देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और राष्ट्रीय सुरक्षा के उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा सहयोग के लिहाज से एक महत्वपूर्ण आयोजन मानी जा रही है। भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित यह उच्च स्तरीय बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में संपन्न होगी, जिसमें सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी भाग लेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में चीन के प्रतिनिधि के रूप में वांग यी, रूस की ओर से सर्गेई शोइगु तथा ईरान के मोहम्मद बाकर ज़ोल्फाग़री सहित BRICS के सभी 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। यह भागीदारी इस बैठक को और भी रणनीतिक एवं वैश्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है।
बैठक के दौरान सुरक्षा से जुड़े कई जटिल और समकालीन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसमें आतंकवाद-रोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा चुनौतियाँ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों से उत्पन्न जोखिम, क्षेत्रीय संघर्षों का प्रबंधन, समुद्री एवं ऊर्जा सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच यह बैठक साझा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में हाल के तनाव और ईरान से जुड़े मुद्दों के चलते इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और संघर्ष समाधान पर एक साझा दृष्टिकोण तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। BRICS देशों के बीच इस विषय पर सहमति बनाना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में भी यह बैठक विशेष महत्व रखती है। चीनी प्रतिनिधि वांग यी की नई दिल्ली यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता की संभावना जताई जा रही है। यह बातचीत दोनों देशों के बीच चल रहे संवेदनशील मुद्दों पर संवाद और कूटनीतिक संपर्क को बनाए रखने में सहायक हो सकती है।
यह बैठक आगामी BRICS शिखर सम्मेलन 2026 की तैयारियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखी जा रही है। सुरक्षा सलाहकारों की इस चर्चा से निकलने वाले निष्कर्ष शिखर सम्मेलन के राजनीतिक और सुरक्षा एजेंडे को दिशा प्रदान करेंगे। भारत ने 1 जनवरी 2026 को BRICS की अध्यक्षता संभाली थी और तब से वह लगातार विभिन्न उच्च स्तरीय बैठकों की मेजबानी कर रहा है।
इसी बीच नई दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ाने और वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को आवाज देने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने इस मंच की बढ़ती भूमिका को वैश्विक सहयोग के लिए आवश्यक बताया।
वहीं विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन संबोधन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में शांति और सुरक्षा का महत्व केंद्रीय है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के संघर्ष इस बात को और अधिक स्पष्ट करते हैं कि संवाद और कूटनीति ही स्थायी समाधान का मार्ग हैं। नई दिल्ली में होने जा रही यह बैठक न केवल BRICS देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने की क्षमता रखती है, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका को भी एक महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र के रूप में स्थापित करती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
