लद्दाख की ठंड में फंसी सांसें ; वायुसेना बनी फरिश्ता
लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों के बीच भारतीय वायुसेना ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को रात के अंधेरे और कठिन परिस्थितियों में एयरलिफ्ट कर दिल्ली पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच गई।

लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों के बीच से एक बार फिर भारतीय वायुसेना ने मानवता की मिसाल पेश की है। गंभीर रूप से बीमार 38 वर्षीय व्यक्ति को सही समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए वायुसेना ने बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में रात के अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। लेह से दिल्ली तक की यह उड़ान सिर्फ एक मिशन नहीं थी, बल्कि जिंदगी बचाने की जंग थी।
केंद्रीय शासित प्रदेश लद्दाख प्रशासन के अनुरोध पर वायुसेना का सी-130 हरक्यूलिस विमान कुछ ही घंटों में मेडिकल इवैक्युएशन मिशन के लिए तैयार हो गया। ऊंचे पहाड़, बर्फ से ढके रास्ते और अंधेरी रात के बीच उड़ान भरते हुए वायुसेना के पायलटों और क्रू ने जिस साहस और कौशल का प्रदर्शन किया, उसने एक बार फिर दिखा दिया कि भारतीय वायुसेना “कहीं भी, कभी भी” मदद के लिए तैयार है।
वायुसेना के इस मिशन ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान बचाई, बल्कि यह भी साबित किया कि देश की वर्दी सिर्फ सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में भी सदैव अग्रसर है। लद्दाख के लोगों ने इस बचाव अभियान की खुलकर सराहना की और वायुसेना के जवानों को “जीवंत हीरो” बताया।
पिछले महीने भी भारतीय सेना ने लद्दाख की बर्फीली चोटियों से दो कोरियाई नागरिकों को बचाकर मानवता का ऐसा ही उदाहरण पेश किया था। 17,000 फीट की ऊंचाई पर फंसे इन विदेशी नागरिकों को सेना की “फायर एंड फ्यूरी कोर” ने रात के अंधेरे में रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया था।
कठिन मौसम, दुर्गम इलाके और सीमित दृश्यता के बावजूद भारतीय वायुसेना और सेना के इन अभियानों ने एक बात फिर साबित कर दी है। देश की रक्षा सिर्फ सरहद पर नहीं होती, बल्कि इंसानियत की रक्षा हर मोर्चे पर की जाती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
