सरहद पर तनाव, संसद में AI संग्राम, कांग्रेस के एक वीडियो ने हिलाया सियासी गलियारा; जाने क्या है है ये मामला
Parliament Budget Session 2026 में भारी हंगामा: 8 विपक्षी सांसद निलंबित, जनरल नरवणे की किताब पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला। संसद परिसर में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी बहस, लगाये गद्दारी के आरोप। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हंगामे के बीच पीयूष गोयल का बयान। जानिए संसद के इस सियासी घमासान की पूरी रिपोर्ट।

Parliament Budget Session 2026 : भारतीय राजनीति के डिजिटल अखाड़े में एक नए 'AI युद्ध' ने जन्म ले लिया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक 55 सेकंड के वीडियो ने देश के सियासी गलियारों से लेकर रक्षा विशेषज्ञों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। यह वीडियो साल 2020 के लद्दाख गतिरोध के उस तनावपूर्ण क्षण को नाटकीय ढंग से पेश करता है, जब भारत और चीन की सेनाएं रेचिन ला दर्रे पर आमने-सामने थीं। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित वाक्यांश "जो उचित समझो, वह करो" का उपयोग किया गया है, जिस पर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
घटनाक्रम: जनरल नरवणे के संस्मरण और AI का मेल
यह पूरा विवाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के बहुचर्चित संस्मरण (Memoir) के इर्द-गिर्द घूमता है। फरवरी 2026 के एक हालिया लेख में इस संस्मरण के अंश प्रकाशित हुए हैं, जिसे लंबी सुरक्षा मंजूरी के बाद जारी किया गया था।
वीडियो की सामग्री: कांग्रेस द्वारा साझा किए गए इस क्लिप में दिखाया गया है कि 31 अगस्त, 2020 की रात जब स्थिति बेहद नाजुक थी, तब सैनिक उच्चादेशों की प्रतीक्षा कर रहे थे।
विवाद का केंद्र: वीडियो में पीएम मोदी के शब्दों को इस तरह पेश किया गया है जैसे वह जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हों। कांग्रेस का तर्क है कि यह नेतृत्व की निर्णायक क्षमता पर सवाल उठाता है।
तकनीकी पक्ष: वीडियो में वॉयस ओवर और दृश्यों के लिए AI और नाटकीय रूपांतरण का सहारा लिया गया है, जिसे विपक्षी दल एक नया चुनावी हथियार मान रहे हैं।
तीखी प्रतिक्रिया: 'डीपफेक' बनाम 'सवाल'
बीजेपी ने इस वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे 'अनैतिक डीपफेक प्रोपेगेंडा' करार दिया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि यह न केवल प्रधानमंत्री के पद की गरिमा गिराने की कोशिश है, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और उनकी निर्णय प्रक्रिया का भी अपमान है।
वहीं, कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। पार्टी का कहना है कि वे केवल उस ऐतिहासिक सत्य को उजागर कर रहे हैं जो एक पूर्व सैन्य प्रमुख की किताब में दर्ज है। कानूनी जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस वीडियो को लेकर डिजिटल कंटेंट और डीपफेक कानूनों के तहत कार्रवाई की संभावना बन सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
