Parliament Budget Session 2026 : संसद के भीतर सियासी तापमान उस समय और बढ़ गया जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद Nishikant Dubey ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की संसद सदस्यता समाप्त करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश कर दिया। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है जब राहुल गांधी ने हाल ही में India US Trade Deal समझौते और केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए थे। Nishikant Dubey के इस बयान से राजनितिक गलियारों में अनेक विध बाते हो रही है। आईये जानते है क्या है ये पूरा मामला।

प्रस्ताव से बढ़ी राजनीतिक हलचल :

गुरुवार को मीडिया से बातचीत में निशिकांत दुबे ने पुष्टि की कि उन्होंने लोकसभा में एक स्वतंत्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, राहुल गांधी अपने बयानों के माध्यम से देश को गुमराह कर रहे हैं। दुबे ने अपने प्रस्ताव में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:


क्रमांक

प्रस्ताव की मांग

विवरण

1

संसद में चर्चा

राहुल गांधी के बयानों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए

2

सदस्यता समाप्ति

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त की जाए

3

आजीवन प्रतिबंध

उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने से रोका जाए

दुबे ने स्पष्ट किया कि यह कदम विशेषाधिकार प्रस्ताव के तहत नहीं उठाया गया है, बल्कि यह एक अलग और स्वतंत्र प्रस्ताव है, जिसमें निलंबन और सदस्यता समाप्ति की मांग की गई है। Nishikant Dubey के इस बयान से राजनितिक गलियारों में ऐसा समझा जा रहा हे की BJP विरोधी पक्ष को हमेशा हमेशा के लिए हटाने के लिए इस तरह से कुछ पैतरे आजमा रहे है। इस कारणवश इस मामले को और अधिक गहराई से देखा जा रहा है।

सोरोस का उल्लेख और आरोप :

निशिकांत दुबे ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी बाहरी ताकतों, जिनमें जॉर्ज सोरोस का नाम भी शामिल है, के समर्थन से देश को गुमराह कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विवाद की पृष्ठभूमि: राहुल गांधी का भाषण

बुधवार को लोकसभा में दिए गए अपने भाषण में राहुल गांधी ने India US Trade Deal समझौते पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि सरकार ने राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का दौर चल रहा है, जहां ऊर्जा और वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल रणनीतिक हथियारों की तरह किया जा रहा है। उनके अनुसार, ऐसे समय में भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने अमेरिका को निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभाव दिया। उनके इन बयानों के बाद संसद में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।



बीजेपी की प्रतिक्रिया :

बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के वक्तव्य को ‘अपरिपक्व’ बताया। उनका कहना है कि विपक्ष के ऐसे बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। पार्टी के नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करार दिया।

संवैधानिक और प्रक्रियात्मक पहलू :

लोकसभा सदस्य की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया संविधान और संसद की नियमावली के तहत संचालित होती है। किसी भी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए सदन में बहस, स्पीकर का निर्णय और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होता है। ऐसे प्रस्तावों का अंतिम परिणाम सदन की सहमति और नियमों की व्याख्या पर निर्भर करता है।


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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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