सावधान! झांसी-अंचल में पहाड़ों वाली ठंड का अटैक—बर्फीली हवाओं के बीच गिरते तापमान ने बढ़ाई मुसीबत।
झांसी अंचल में पहाड़ों से बह रही ठंडी हवाओं के कारण जनवरी 2026 में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह‑शाम कंपकंपी और स्वास्थ्य पर असर के चलते मौसम विभाग ने पीला अलर्ट जारी किया है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

झांसी, 3 जनवरी 2026 — उत्तर प्रदेश के झांसी अंचल में ठंडी हवाओं और पर्वतीय क्षेत्रों से बहकर आने वाली शीतल लहरों ने तापमान में गिरावट ला दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में कमी बनी रहेगी, जिससे सुबह‑शाम के समय कंपकंपी का असर महसूस किया जा रहा है।
मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विकास त्रिपाठी ने बताया कि पहाड़ों और उच्चभूमि क्षेत्रों से उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव झांसी और आसपास के जिलों में ठंडी लहरें ला रहा है। “रात का तापमान 5–6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है और दिन में भी तापमान सामान्य से कुछ डिग्री कम दर्ज किया जा रहा है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है,” उन्होंने कहा।
स्थानीय नागरिकों ने भी सुबह के समय ठंडी हवाओं के कारण परेशानी महसूस की। बुजुर्ग और बच्चों में ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। स्थानीय चिकित्सक डॉ. रीना शर्मा का कहना है कि ठंड में लंबी अवधि तक रहने से श्वसन और हृदय रोगियों पर विशेष असर पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घर के अंदर गर्म माहौल बनाए रखें और ठंडे पानी या रात में खुले वातावरण में अधिक समय न बिताएं।
मौसम विभाग ने आगामी तीन से चार दिनों के लिए पीला अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इसके तहत लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, सर्द हवाओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि विशेषकर सुबह‑शाम के समय दृश्यता कम हो सकती है और सड़क मार्गों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलाने और हेडलाइट्स का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
राज्य प्रशासन ने भी ठंड के असर को देखते हुए स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को सजग रहने का निर्देश दिया है। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में अतिरिक्त दवाओं और हीटिंग व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। डीएम झांसी, राजेश सिंह ने कहा कि ठंड और कंपकंपी से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से कमजोर लोगों के लिए राहत उपाय उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस ठंडी हवाओं का कारण पश्चिमी विक्षोभ और पर्वतीय क्षेत्रों से बहकर आने वाली ठंडी वायुवाहिक गतिविधियां हैं। इस मौसम में झांसी और आसपास के क्षेत्र अत्यधिक सर्द और धुंध से प्रभावित हो सकते हैं। न्यूनतम तापमान के गिरने के कारण फसल और पशुपालन क्षेत्रों पर भी असर पड़ सकता है। किसान हल्की फसल सुरक्षा उपायों और पशुओं के लिए गर्म आश्रय सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को चेताया है कि वे इस मौसम में स्वास्थ्य, सुरक्षा और ऊर्जा की बचत पर विशेष ध्यान दें। घरों में हीटिंग का उचित प्रबंध, गर्म कपड़े और बच्चों व बुजुर्गों की देखभाल इस मौसम में महत्वपूर्ण है। सड़क मार्गों पर वाहन चलाते समय धुंध और ठंडी हवाओं के कारण धीमी गति से चलना और दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, झांसी अंचल में पहाड़ों से बहकर आने वाली ठंडी हवाओं ने जनवरी 2026 की शुरुआत में तापमान में गिरावट ला दी है। कंपकंपी का असर और स्वास्थ्य संबंधी खतरों के कारण लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग और राज्य प्रशासन की चेतावनी समय पर सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने में सहायक साबित हो रही है।

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