विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आ रहे है सामने; जानें दिग्गजों का क्या है हाल?
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के शुरुआती रुझानों में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा को बढ़त, जबकि तमिलनाडु में टीवीके का प्रदर्शन प्रभावी। पढ़े पूरी विनर लिस्ट

भारत के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में विभिन्न राजनीतिक दलों की स्थिति और सत्ता के बदलते समीकरणों को दर्शाती एक प्रतीकात्मक तस्वीर।
Assembly Election Results 2026 : भारत के पांच राज्यों में लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव आज अपने निर्णायक पड़ाव पर है, जहाँ मतगणना के साथ ही सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने शुरुआती रुझानों में ही राजनीतिक पंडितों को स्तब्ध कर दिया है, क्योंकि पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य में सत्ता की चाबी ममता बनर्जी के हाथों से फिसलती नजर आ रही है। बंगाल के चुनावी रणक्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 150 सीटों पर बढ़त बना ली है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का आंकड़ा 100 के नीचे सिमट गया है। हालांकि, हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पकड़ मजबूत रखी है और पांचवें दौर की मतगणना के बाद वह भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 16,706 वोटों के बड़े अंतर से आगे चल रही हैं। इसके विपरीत, नंदीग्राम की प्रतिष्ठित सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी है, जिससे यह साफ है कि बंगाल की हर सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प हो गया है।
उत्तर-पूर्व के द्वार असम में भी भाजपा की पकड़ मजबूत दिख रही है, जहाँ पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। हालांकि, कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव गोगोई अपनी ही सीट पर पिछड़ते हुए नजर आ रहे हैं, जो विपक्षी खेमे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, बिन्नाकंडी सीट से बदरुद्दीन अजमल बढ़त बनाए हुए हैं। दक्षिण भारत की राजनीति में इस बार सबसे बड़ा चमत्कार तमिलनाडु में देखने को मिला है, जहाँ अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी 'टीवीके' सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, मदुरै उत्तर, मदुरै दक्षिण, कुड्डालोर और अलंगुलम जैसी प्रमुख सीटों पर टीवीके उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ दलों को पछाड़ रहे हैं। केरल में भी तस्वीर बदलती दिख रही है, जहाँ कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता की दहलीज पर खड़ा नजर आ रहा है।
क्षेत्रीय स्तर पर रुझानों का विश्लेषण करें तो बंगाल के जलपाईगुड़ी और दुआर्स बेल्ट में भाजपा का दबदबा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। राजगंज से दिनेश सरकार, धुपगुड़ी से नरेश रॉय और मयनागुड़ी से दलिम चंद्र रॉय जैसे उम्मीदवार लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। विशेष रूप से नागराकाटा सीट पर भाजपा की पूना भेंगरा ने 7,813 वोटों के साथ तृणमूल कांग्रेस के संजय कुजूर पर मजबूत बढ़त बना ली है। एक और भावुक कर देने वाला रुझान पानीहाटी निर्वाचन क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ आरजी कर पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ 2,000 वोटों से आगे चल रही हैं। इसके अतिरिक्त, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष खड़गपुर से और विवादित बयानों के लिए चर्चित हुमायूं कबीर अपनी-अपनी सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। पश्चिमी मोर्चे पर सुनेत्रा पवार भी पहले दौर की मतगणना के बाद 6,000 से अधिक मतों से आगे चल रही हैं।
चुनाव आयोग के कड़े दिशा-निर्देशों और कड़ी सुरक्षा के बीच जारी यह मतगणना केवल राज्यों के मुख्यमंत्री ही तय नहीं करेगी, बल्कि यह 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगी। मतगणना केंद्रों के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात है और आधिकारिक परिणामों की घोषणा के साथ ही विजयी उम्मीदवारों की सूची भी अपडेट की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन रुझानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता ने इस बार क्षेत्रीय अस्मिता के साथ-साथ विकास और नए नेतृत्व को प्राथमिकता दी है। शाम तक आने वाले पूर्ण परिणाम यह तय कर देंगे कि दिल्ली से लेकर सुदूर दक्षिण तक सत्ता का संतुलन किस दिशा में झुकेगा, लेकिन फिलहाल इन आंकड़ों ने भारतीय राजनीति के भविष्य को और अधिक रोमांचक बना दिया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
