पश्चिम बंगाल चुनाव में नया मोड़ ; ममता बनर्जी के न्यौते पर TMC के लिए प्रचार करेंगे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक दूसरे चरण के मतदान से पहले टीएमसी के पक्ष में रैलियां करेंगे, पहले चरण में राज्य में 90 प्रतिशत वोटिंग दर्ज। पूरी रिपोर्ट।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल
Arvind Kejriwal Tamil Nadu MK Stalin campaign : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की भारी वोटिंग के बीच राज्य की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। 'मां, माटी, मानुष' की धरती पर अपनी सत्ता बचाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक मास्टरस्ट्रोक खेलते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार का न्यौता दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और वे 26-27 अप्रैल को दूसरे चरण के चुनाव प्रचार के लिए बंगाल पहुँच रहे हैं। यह घटनाक्रम केवल चुनावी भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्र की सत्ता के विरुद्ध एक मजबूत विपक्षी मोर्चा बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। केजरीवाल की एंट्री से उन 142 सीटों पर मुकाबला और भी रोचक होने की उम्मीद है, जहाँ दूसरे चरण में मतदान होना है।
राज्य में चुनावी प्रक्रिया अपने चरम पर है। गुरुवार, 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ, जिसमें मतदाताओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। शाम 5 बजे तक करीब 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो बंगाल की राजनीतिक जागरूकता और सत्ता के प्रति बदलाव या स्थिरता की तड़प को दर्शाता है। हालांकि, यह मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा। छिटपुट हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों पर हमलों की खबरें भी सामने आईं। इन चुनौतियों के बावजूद, भीषण गर्मी में सुबह से ही लंबी कतारों ने यह स्पष्ट कर दिया कि बंगाल का मतदाता अपने भविष्य का फैसला करने के लिए संकल्पित है। अरविंद केजरीवाल इससे पहले तमिलनाडु में भी एमके स्टालिन के पक्ष में प्रचार कर चुके हैं, जिससे यह साफ है कि विपक्षी दल अब क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं।
दूसरे चरण का महामुकाबला 29 अप्रैल को होना है, जहाँ 16 जिलों की शेष 142 सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में 167 महिलाओं सहित कुल 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले चरण की वोटिंग के बाद जीत का बड़ा दावा करते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अभी से ही निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी नजर अब केवल राज्य तक सीमित नहीं है। उन्होंने भावुक और कूटनीतिक लहजे में कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कुर्सी का मोह नहीं है, बल्कि उनका लक्ष्य बंगाल की जीत के बाद सभी विपक्षी दलों को एकजुट कर केंद्र की सत्ता को चुनौती देना है।
निष्कर्षतः, बंगाल चुनाव अब स्थानीय मुद्दों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय राजनीति का अखाड़ा बन चुका है। अरविंद केजरीवाल का ममता बनर्जी के मंच पर आना भाजपा के खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक घेराबंदी है। यदि केजरीवाल का प्रभाव शहरी और मध्यवर्गीय मतदाताओं को प्रभावित करने में सफल रहता है, तो दूसरे चरण के नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं। आने वाली 29 अप्रैल न केवल बंगाल के लिए, बल्कि भारतीय राजनीति के भविष्य के गठबंधन के लिए भी एक निर्णायक तारीख साबित होगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
