उत्तर प्रदेश के उन्नाव से बुधवार को एक ऐसी कार्रवाई सामने आई, जिसने सोशल मीडिया और डिजिटल मनोरंजन की चमक-दमक के पीछे छिपी सच्चाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उस वक्त हुई, जब अनुराग की तेज़ी से बढ़ी संपत्ति, लग्ज़री लाइफस्टाइल और ऑनलाइन सट्टा ऐप्स से जुड़ी गतिविधियां जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुकी थीं।

करीब 25 वर्षीय अनुराग द्विवेदी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं मानी जा रही। कभी साइकिल से चलने वाला यह युवक आज BMW और डिफेंडर जैसी महंगी लग्ज़री गाड़ियों का मालिक है। जांच एजेंसियों की दिलचस्पी इसी अचानक आए आर्थिक उछाल को लेकर बढ़ी। बताया जा रहा है कि अनुराग ने ड्रीम-11 जैसे ऑनलाइन सट्टा और फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर खेलना शुरू किया और यहीं से उसकी आमदनी में तेज़ी से इज़ाफा हुआ। बाद में उसने इन ऐप्स को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रमोट करना भी शुरू कर दिया।

अनुराग की सोशल मीडिया पहुंच बेहद विशाल है। यूट्यूब पर उसके लगभग 70 लाख सब्सक्राइबर हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर उसे 24 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। इसी प्रभावशाली डिजिटल पहुंच के ज़रिए सट्टा ऐप्स के प्रचार-प्रसार और उससे होने वाली आय को लेकर एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, ED यह पता लगाने में जुटी है कि इन प्रमोशन्स से अर्जित धन का स्रोत और उसका उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया।

जांच का दायरा तब और गहराया, जब पिछले महीने अनुराग की भव्य शादी की चर्चा सामने आई। उसने दुबई में एक आलीशान क्रूज़ पर विवाह समारोह आयोजित किया और अपने गांव से करीब 30 लोगों को हवाई जहाज़ से दुबई बुलाया। सभी मेहमानों के आने-जाने और ठहरने का पूरा खर्च अनुराग ने स्वयं वहन किया। इस असाधारण आयोजन ने उसकी आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल और तेज़ कर दिए, जिसके बाद वह सीधे प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आ गया।

फिलहाल ED की टीम उन्नाव स्थित आवास पर दस्तावेज़ों, डिजिटल रिकॉर्ड्स और बैंक लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। आधिकारिक तौर पर एजेंसी की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टा ऐप्स के प्रचार और उससे जुड़े कथित अवैध वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल का हिस्सा है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता, फैंटेसी गेमिंग और सट्टा ऐप्स के बीच की सीमाएं कितनी धुंधली होती जा रही हैं। अनुराग द्विवेदी के खिलाफ की गई यह कार्रवाई न केवल डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के लिए चेतावनी मानी जा रही है, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए भी एक संकेत है, जो ऑनलाइन चमक-दमक को सफलता का पैमाना मान रहे हैं।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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