अंडमान-निकोबार के स्वराज द्वीप के राधानगर बीच पर समुद्र की गहराइयों में 60×40 मीटर विशाल तिरंगा फहराकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। लगभग 200 गोताखोरों और विभिन्न एजेंसियों की मदद से हुए इस ऐतिहासिक आयोजन को पर्यटन और समुद्री गतिविधियों के विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने शनिवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली, जब स्वराज द्वीप (हैवलॉक आइलैंड) के राधानगर बीच के समीप समुद्र की गहराइयों में दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज सफलतापूर्वक फहराकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया। यह असाधारण उपलब्धि प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम रही, जिसने समुद्री सतह के नीचे एक जटिल और समन्वित अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

इस विशाल तिरंगे का आकार लगभग 60 मीटर गुणा 40 मीटर यानी कुल 2400 वर्ग मीटर था, जिसे प्रशिक्षित गोताखोरों की टीमों ने अत्यंत सावधानी और समन्वय के साथ समुद्र के भीतर फैलाया। इस ऐतिहासिक क्षण को साकार करने के लिए लगभग 200 प्रशिक्षित गोताखोरों ने भाग लिया, जिनमें सरकारी एजेंसियों, समुद्री सुरक्षा बलों और विभिन्न डाइविंग केंद्रों के विशेषज्ञ शामिल थे।

यह पूरा अभियान स्वराज द्वीप के तटीय क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां अंडमान और निकोबार प्रशासन के शीर्ष अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपराज्यपाल एडमिरल (सेवानिवृत्त) डीके जोशी, मुख्य सचिव चंद्र भूषण कुमार और पुलिस महानिदेशक एचएस धालीवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया।

अंडमान में समुद्र के नीचे सबसे बड़ा भारतीय ध्वज फहराकर बना विश्व रिकॉर्ड

इस जटिल अभियान में अंडमान और निकोबार पुलिस, वन विभाग, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और स्थानीय स्कूबा डाइविंग केंद्रों के गोताखोरों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। सभी टीमों के बीच बेहतरीन समन्वय के साथ समुद्र की गहराई में तिरंगे को सफलतापूर्वक फैलाया गया, जो अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। सुबह 10:35 बजे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी ऋषि नाथ ने इस उपलब्धि को औपचारिक रूप से प्रमाणित किया और उपराज्यपाल डीके जोशी को प्रमाणपत्र सौंपा। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने टीमों के समर्पण और अनुशासन की सराहना की तथा इस उपलब्धि को द्वीप समूह के इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय बताया।

यह रिकॉर्ड न केवल एक तकनीकी और संगठनात्मक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है, बल्कि इसे अंडमान-निकोबार में बढ़ते समुद्री पर्यटन और साहसिक गतिविधियों के विकास के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है। यह आयोजन भारत के समुद्री पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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