केरल के मंदिरों में अनंत अंबानी का ₹18 करोड़ का महादान ; जानें कौन से मंदिर हैं शामिल
अनंत अंबानी ने केरल के प्रमुख मंदिरों को ₹18 करोड़ दान कर धार्मिक आस्था के साथ विरासत संरक्षण और पशु कल्याण को नई दिशा दी। राजराजेश्वरम और गुरुवायूर मंदिर को सीधा सहयोग, साथ ही ईस्ट गोपुरम पुनर्निर्माण और हाथियों की देखभाल पर विशेष फोकस ने इस पहल को खास बनाया।

उद्योगपति अनंत अंबानी केरल के मंदिर में दर्शन के दौरान पुजारियों और सहयोगियों के साथ
देश के प्रमुख उद्योगपति परिवार से जुड़े युवा उद्योगपति अनंत अंबानी एक बार फिर अपने धार्मिक और सामाजिक सरोकारों को लेकर सुर्खियों में हैं। केरल के प्रमुख मंदिरों की हालिया यात्रा के दौरान उन्होंने कुल ₹18 करोड़ की राशि दान करने की घोषणा की, जिसने धार्मिक आस्था, विरासत संरक्षण और पशु कल्याण के संगम को एक नई दिशा दी है।
इस घोषणा के तहत ₹6 करोड़ की राशि सीधे तौर पर मंदिरों को प्रदान की गई, जिसमें राजराजेश्वरम मंदिर और गुरुवायूर मंदिर को ₹3-₹3 करोड़ दिए गए। इसके अतिरिक्त ₹12 करोड़ की बड़ी राशि ऐतिहासिक ‘ईस्ट गोपुरम’ के पुनरुद्धार और मंदिरों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निर्धारित की गई है। यह पहल न केवल धार्मिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की प्रतिबद्धता भी दर्शाती है।
अनंत अंबानी, जिनका जन्म 10 अप्रैल 1995 को हुआ, मुकेश अंबानी के सबसे छोटे पुत्र हैं। वे Reliance Industries के ऊर्जा व्यवसाय से जुड़े प्रमुख पदों पर कार्यरत हैं और कंपनी की कई सहायक इकाइयों के बोर्ड में निदेशक हैं। उन्होंने Brown University से वर्ष 2017 में बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके साथ ही वे जामनगर स्थित अपने महत्वाकांक्षी वन्यजीव प्रकल्प वंतारा का संचालन भी करते हैं, जो पशु बचाव और पुनर्वास के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन चुका है।
इस बार की घोषणा में पशु कल्याण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। गुरुवायूर मंदिर में हाथियों की देखभाल के लिए विशेष सहयोग देने का निर्णय इसी दिशा में उठाया गया कदम है, जो उनके वंतारा प्रोजेक्ट की सोच से मेल खाता है। धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण और जीव संरक्षण को जोड़ने की यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का व्यापक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
अंबानी परिवार का धार्मिक और सामाजिक दान का इतिहास भी उतना ही व्यापक रहा है। वर्ष 2026 में ही मुकेश अंबानी ने परिवार के साथ मिलकर मंदिर विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए ₹5 करोड़ का योगदान दिया था। वहीं वर्ष 2025 में विभिन्न प्रमुख मंदिरों—श्रीनाथजी मंदिर, तिरुमला मंदिर और गुरुवायूर मंदिर—को कुल ₹45 करोड़ का दान दिया गया, जिसका उद्देश्य रसोई, तीर्थयात्री सुविधाओं और आधारभूत ढांचे का विकास था। इसके अलावा तिरुमला के अन्नप्रसादम ट्रस्ट को ₹100 करोड़ की बड़ी राशि दी गई, जिससे लाखों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था को मजबूती मिली।
इस पूरी पहल का महत्व केवल आर्थिक योगदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि आधुनिक उद्योग जगत के बड़े नाम अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी समान रूप से प्राथमिकता दे रहे हैं। अनंत अंबानी का यह कदम एक व्यापक संदेश देता है कि विकास और परंपरा साथ-साथ चल सकते हैं, और सेवा का दायरा मंदिर की सीमाओं से कहीं आगे तक फैल सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
