अमित शाह ने BSF के G-7 आउटपोस्ट का किया उद्घाटन ; कच्छ बॉर्डर पर सुरक्षा का ‘स्मार्ट’ अपडेट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के कच्छ सीमा क्षेत्र का दौरा कर BSF के नए G-7 फ्रंटियर आउटपोस्ट का उद्घाटन किया और भारत-पाकिस्तान पश्चिमी सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान सिर क्रीक और हरामी नाला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्मार्ट बॉर्डर तकनीक, थर्मल कैमरे और रडार सिस्टम की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

अमित शाह ने किया कच्छ में बीएसएफ की नई सीमा चौकी जी-7 का उद्घाटन
भारत की पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के कच्छ सीमा क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने Border Security Force (BSF) के लिए तैयार किए गए नए और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का उद्घाटन किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने पाकिस्तान सीमा से सटी भारत की पश्चिमी सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा भी की।
कच्छ जिले के भुज सेक्टर में स्थित यह नया फ्रंटियर आउटपोस्ट “G-7” एक अग्रिम सीमा चौकी (Border Outpost) है, जिसे अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद निकट स्थापित किया गया है। यह चौकी सीमा पर होने वाली हर गतिविधि पर निरंतर निगरानी रखने, घुसपैठ की किसी भी कोशिश पर त्वरित प्रतिक्रिया देने, गश्ती दलों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा रेगिस्तानी, दलदली और क्रीक जैसे दुर्गम इलाकों में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। यह आउटपोस्ट गुजरात के संवेदनशील सीमा क्षेत्र में BSF के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
Glad to have shared some time with the valiant personnel of the BSF during high-tea at the G-7 Border Outpost, in Gujarat. pic.twitter.com/i2ZppSUsXA
— Amit Shah (@AmitShah) May 29, 2026
कच्छ क्षेत्र को देश की सबसे संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां पाकिस्तान के साथ लंबी रेगिस्तानी सीमा के साथ-साथ विवादित सिर क्रीक क्षेत्र और कुख्यात हरामी नाला जैसी दलदली जल-सीमाएं भी स्थित हैं। यह भौगोलिक रूप से अत्यंत जटिल इलाका है, जहां पारंपरिक सीमा बाड़ और नियमित गश्त कई बार प्रभावी साबित नहीं होती। इन्हीं चुनौतियों के कारण यहां BSF द्वारा बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें भौतिक बाड़बंदी, जल और भूमि गश्ती दल, थर्मल कैमरे, रडार प्रणाली, वॉचटावर और उच्च गतिशीलता वाली पेट्रोलिंग यूनिट्स शामिल हैं।
अपने दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने नवनिर्मित G-7 आउटपोस्ट का उद्घाटन किया और वहां तैनात जवानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने उनकी कार्यस्थितियों, परिचालन तैयारियों और सीमा पर तैनाती से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने सिर क्रीक और हरामी नाला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चल रही निगरानी प्रणालियों की समीक्षा की तथा घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों पर विस्तृत ब्रीफिंग प्राप्त की। इस दौरान सीमा सुरक्षा में आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया।
इस समीक्षा का एक प्रमुख केंद्र “स्मार्ट बॉर्डर” की अवधारणा रही, जिसके तहत ड्रोन आधारित निगरानी, नाइट-विजन और थर्मल इमेजिंग कैमरे, रडार आधारित मूवमेंट डिटेक्शन सिस्टम, एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क और सीमा चौकियों को केंद्रीय नियंत्रण प्रणालियों से जोड़ने जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। इस दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि इन तकनीकी उन्नयनों के कारण सीमा पर घुसपैठ की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
कुल मिलाकर यह दौरा न केवल कच्छ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का अवसर था, बल्कि यह भारत की पश्चिमी सीमा को अधिक तकनीकी, सुदृढ़ और सक्षम बनाने की दिशा में सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। कच्छ जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह के बुनियादी ढांचे का विस्तार आने वाले समय में सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
