अमेरिका में 2,300 मील की ऐतिहासिक शांति पदयात्रा पूरी करने के बाद ‘अलोका द पीस डॉग’ भारत लौट आया है। कभी भारतीय सड़कों पर रहने वाला यह परिया कुत्ता आज वैश्विक शांति, करुणा और पशु कल्याण का प्रतीक बन चुका है। उसकी प्रेरणादायक यात्रा ने दुनियाभर में करोड़ों लोगों का दिल जीता है।

कभी भारत की सड़कों पर भटकने वाला एक आवारा कुत्ता आज शांति, करुणा और मानवता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। ‘अलोका द पीस डॉग’ के नाम से दुनिया भर में प्रसिद्ध इस भारतीय देसी (इंडियन परिया) कुत्ते की भारत वापसी ने लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। लगभग 2,300 मील लंबी अमेरिका यात्रा और कई अंतरराष्ट्रीय शांति अभियानों का हिस्सा बनने के बाद अलोका 8 जून 2026 को भारत लौटा, जहां उसका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

अलोका की कहानी वर्ष 2022 में शुरू हुई, जब वह भारत में आयोजित एक शांति पदयात्रा के दौरान बौद्ध भिक्षुओं के एक समूह से मिला। उस समय वह एक सामान्य आवारा कुत्ता था, लेकिन भिक्षुओं के साथ उसका जुड़ाव इतना गहरा हो गया कि उसने उनका साथ नहीं छोड़ा। वह लगातार 100 दिनों से अधिक समय तक उनके साथ चलता रहा और धीरे-धीरे इस आध्यात्मिक समूह का अभिन्न हिस्सा बन गया। भिक्षुओं ने उसका नाम ‘अलोका’ रखा, जिसका संस्कृत और पाली भाषा में अर्थ ‘प्रकाश’ या ‘रोशनी’ होता है।



चार वर्षीय इस भारतीय परिया कुत्ते ने वर्ष 2022-23 के दौरान वंदनीय भिक्षु भिक्खु पञ्ञाकारा और 19 अन्य भिक्षुओं के साथ भारत और नेपाल में 112 दिनों की शांति पदयात्रा में भाग लिया। इस दौरान अलोका ने न केवल हजारों किलोमीटर की दूरी तय की, बल्कि लोगों के बीच शांति और सह-अस्तित्व का संदेश भी पहुंचाया।

अलोका की लोकप्रियता तब वैश्विक स्तर पर बढ़ी जब उसने अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेरिका में आयोजित ‘वॉक फॉर पीस यूएसए’ अभियान में हिस्सा लिया। यह यात्रा टेक्सास के फोर्ट वर्थ से शुरू होकर वॉशिंगटन डी.सी. तक पहुंची। लगभग 108 दिनों तक चली इस पदयात्रा में अलोका ने 2,300 मील यानी करीब 3,700 किलोमीटर की दूरी तय की और अमेरिका के 10 राज्यों से होकर गुजरा। इस यात्रा का उद्देश्य शांति, करुणा, अहिंसा और जागरूकता का संदेश फैलाना था।

यात्रा के दौरान अलोका लाखों लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया। भिक्षुओं के साथ चलते हुए, लोगों का अभिवादन करते हुए और कई बार पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए उसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। देखते ही देखते वह करोड़ों लोगों के बीच ‘अलोका द पीस डॉग’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

हालांकि यह यात्रा चुनौतियों से भरी रही। सड़कों पर बिताए गए शुरुआती जीवन के कारण अलोका को पहले से ही पैर में चोट थी। अमेरिका यात्रा के दौरान उसकी यह समस्या गंभीर हो गई और जनवरी 2026 में दक्षिण कैरोलिना में उसके घुटने की सर्जरी करानी पड़ी। सर्जरी के बाद कुछ समय तक आराम करने के बावजूद उसने हार नहीं मानी और स्वस्थ होते ही फिर से पदयात्रा में शामिल हो गया। उसकी दृढ़ता और जुझारूपन ने शांति अभियान से जुड़े लोगों को गहराई से प्रेरित किया। फरवरी 2026 में वॉशिंगटन डी.सी. पहुंचकर अमेरिका की ऐतिहासिक पदयात्रा पूरी करने के बाद भी अलोका की यात्रा नहीं रुकी। उसने श्रीलंका में आयोजित ‘वॉक फॉर पीस’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बाद में भिक्षुओं के साथ थाईलैंड की यात्रा भी की। इसके बाद जून 2026 में वह अपने मूल देश भारत लौट आया।

नई दिल्ली पहुंचने पर अलोका का विशेष स्वागत किया गया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के पूर्व महानिदेशक अभिजीत हल्दार ने उसे नया कोट, खिलौने और विशेष उपहार भेंट किए। वहीं प्रसिद्ध पशु अधिकार कार्यकर्ता और वरिष्ठ राजनीतिज्ञ मेनका गांधी ने भी अलोका और उसके साथ आए भिक्षुओं से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने अलोका की प्रेरणादायक यात्रा की सराहना की और भारत में आवारा पशुओं के कल्याण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत वापसी के बाद अलोका और भिक्षुओं का समूह बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों, जिनमें बोधगया और लुंबिनी शामिल हैं, की यात्रा करने वाला है। इन यात्राओं का उद्देश्य शांति, करुणा और वैश्विक सद्भाव का संदेश आगे बढ़ाना है। एक साधारण आवारा कुत्ते से लेकर अंतरराष्ट्रीय शांति अभियान के प्रतीक बनने तक का अलोका का सफर असाधारण माना जा रहा है। उसकी कहानी न केवल पशु कल्याण और मानवीय संवेदनाओं को नई पहचान देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि करुणा और साथ का रिश्ता सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से कहीं अधिक बड़ा हो सकता है। यही कारण है कि आज अलोका दुनिया के सबसे चर्चित और प्रेरणादायक भारतीय कुत्तों में से एक बन चुका है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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