यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़? एयर इंडिया की लापरवाही पर सख्त हुआ डीजीसीए, सुरक्षा चूक पर चार पायलट डी-रोस्टर|
सुरक्षा मानकों में चूक को लेकर एयर इंडिया के चार पायलटों को डी-रोस्टर किया गया, डीजीसीए ने मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू की।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अधिकारी मामले की जांच करते हुए और एयर इंडिया का विमान।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया के पायलटों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए चार पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है। यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों में गंभीर चूक के बाद की गई है, जिनमें प्रतिबंधित पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने और अहमदाबाद हवाई अड्डे पर विमान के गलत दिशा में जाने जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद एविएशन रेगुलेटर ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है और मामले की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।
पहली घटना 22 जून की है, जब दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट रनवे पर बर्ड हिट के कारण रनवे उपलब्ध न होने के चलते गो-अराउंड प्रक्रिया से गुजरी। इस दौरान विमान अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया और अनजाने में प्रतिबंधित पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया। जांच के घेरे में यह सवाल भी शामिल है कि इस गंभीर घटना की सूचना समय रहते डीजीसीए को क्यों नहीं दी गई और इसमें एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की क्या भूमिका रही। इसी कारण अमृतसर एटीसी के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को भी ग्राउंड कर दिया गया है।
दूसरी घटना 24 जून को अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हुई, जहां एयर इंडिया की फ्लाइट ने टेक-ऑफ के लिए जा रही इंडिगो की उड़ान के सामने गलत टर्न ले लिया। दोनों ही मामलों में डीजीसीए ने जांच टीम गठित की है। रेगुलेटर ने संबंधित एयरक्राफ्ट के ब्लैक बॉक्स और एटीसी के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। जांच टीम अब एयर इंडिया और संबंधित हवाई अड्डों के एटीसी रिकॉर्ड्स का विश्लेषण करेगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये त्रुटियां मानवीय भूल का परिणाम थीं या किसी तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुईं।
पिछले कुछ समय में एयर इंडिया की उड़ानों से जुड़ी कई घटनाओं ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुई एक दुर्घटना के बाद से एयर इंडिया ने अपने बेड़े की तकनीकी जांच और पायलट प्रशिक्षण कार्यशालाओं को प्राथमिकता दी थी, लेकिन हालिया घटनाएं सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं के मद्देनजर एयर इंडिया को अपने परिचालन प्रक्रियाओं और पायलटों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की फिर से गहन समीक्षा करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनावश्यक सुरक्षा चूक से बचा जा सके।
डीजीसीए द्वारा गठित टीम यह सुनिश्चित करेगी कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन हो रहा है या नहीं। एयर इंडिया ने इन मामलों में पूरी जांच में सहयोग करने का भरोसा दिया है। सुरक्षा मानकों के साथ समझौता न करना विमानन उद्योग का मूल सिद्धांत है, और नियामक की यह कार्रवाई इसी प्रतिबद्धता को दोहराती है। जांच के परिणाम यह तय करेंगे कि आगे की कार्रवाई क्या होगी और क्या इन पायलटों को दोबारा ड्यूटी पर बहाल किया जाएगा या उनके खिलाफ कोई अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
