वाराणसी से शुरू हुआ भारत का पहला 'हब-एंड-स्पोक' विमानन मॉडल अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बदल देगा। अब छोटे शहरों से भी दुनिया के 17 प्रमुख गंतव्यों तक पहुंचना हुआ बेहद आसान। जानिए कैसे यह ऐतिहासिक कदम भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान।

वाराणसी हवाई अड्डे पर खड़ी एयर इंडिया की विमान, जहाँ से अब यात्री दिल्ली होते हुए निर्बाध रूप से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए यात्रा कर सकेंगे।
भारत ने वैश्विक विमानन मानचित्र पर अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपनी पहली 'हब-एंड-स्पोक' अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा का शुभारंभ किया है। गुरुवार को वाराणसी से एयर इंडिया की 'ईज़ी कनेक्ट' उड़ान के प्रस्थान के साथ ही, देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक नई और निर्बाध सुविधा का द्वार खुल गया है। यह क्रांतिकारी पहल अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को उनके मूल हवाई अड्डे से ही चेक-इन, इमिग्रेशन और सामान जमा करने की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति देती है, जिससे दिल्ली जैसे प्रमुख हब हवाई अड्डों पर उन्हें बार-बार की औपचारिकताओं से मुक्ति मिल जाएगी।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने वाराणसी में इस सेवा का औपचारिक उद्घाटन किया और पहले यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे। एयर इंडिया की यह उद्घाटन उड़ान एआई-1111 ने 180 यात्रियों के साथ दिल्ली के लिए उड़ान भरी, जहाँ से ये यात्री रियाद, जेद्दा, दुबई, फुकेत, कोलंबो और काठमांडू जैसे वैश्विक गंतव्यों के लिए रवाना हुए। इस मॉडल की विशेषता यह है कि वाराणसी से ही दिल्ली के माध्यम से 17 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों, जिनमें लंदन, फ्रैंकफर्ट, रोम, मिलान, ज्यूरिख, वियना, कोपेनहेगन, सिंगापुर, कुआलालंपुर, बैंकॉक, मनीला और हो ची मिन्ह सिटी शामिल हैं, तक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है।
सरकार के इस महत्वाकांक्षी 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल का उद्देश्य लगभग 35 प्रतिशत उन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भारत के भीतर ही बनाए रखना है, जो वर्तमान में दुबई, सिंगापुर और लंदन जैसे विदेशी केंद्रों के माध्यम से यात्रा करते हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले छह सप्ताहों में गुवाहाटी, विशाखापत्तनम, पटना और पश्चिमी भारत के एक शहर सहित छह और शहरों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। साथ ही, इंडिगो एयरलाइंस भी जल्द ही मुंबई हवाई अड्डे के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रही है। एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ कैंपबेल विल्सन ने संकेत दिया कि भविष्य में अमृतसर, अहमदाबाद, कोच्चि, गोवा, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों को भी इस सेवा के विस्तार में शामिल किया जाएगा।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया है, जो व्यापार, पर्यटन, निवेश और शिक्षा के लिए नए अवसर पैदा करेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का अनुमान है कि यह दीर्घकालिक रणनीति न केवल विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाएगी, बल्कि 2047 तक लगभग 16 मिलियन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने और भारतीय अर्थव्यवस्था में 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान देने में सहायक होगी। यह प्रयास भारत को केवल एक 'ओरिजिन-एंड-डेस्टिनेशन' बाजार से बदलकर एक प्रमुख वैश्विक पारगमन केंद्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

