शामली। जब इरादे फौलादी हों और सपनों में जान हो, तो मंजिल खुद-ब-खुद कदम चूमती है। उत्तर प्रदेश के छोटे से जिले शामली के कांधला कस्बे की एक साधारण बेकरी से शुरू हुआ सफर आज देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक शिखर पर जा पहुंचा है। शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। शामली की होनहार बेटी आस्था जैन ने इस कठिनतम परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 9वीं रैंक (AIR 9) हासिल कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल पेश की है जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं।

आस्था जैन की यह सफलता केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि निरंतरता और अटूट परिश्रम की एक महागाथा है। गौरतलब है कि आस्था वर्तमान में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के रूप में देश की सेवा कर रही थीं। वर्ष 2023 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 131वीं रैंक प्राप्त की थी और फिलहाल वे हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में कठिन प्रशिक्षण ले रही थीं। खाकी वर्दी पहनने के बावजूद उनके मन में प्रशासनिक सेवा (IAS) के जरिए समाज में व्यापक बदलाव लाने की तड़प बाकी थी। पुलिस ट्रेनिंग की व्यस्त दिनचर्या और शारीरिक थकान के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई की लौ को बुझने नहीं दिया। अपनी इसी जिद और मेहनत के दम पर उन्होंने दूसरे ही प्रयास में अपनी रैंक में जबरदस्त सुधार किया और टॉप-10 में जगह बनाकर अपना आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।

इस सुनहरी कामयाबी के पीछे एक पिता का संघर्ष और एक बेटी का समर्पण साफ झलकता है। आस्था के पिता कांधला में एक छोटी सी कन्फेक्शनरी यानी बेकरी की दुकान चलाते हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली आस्था ने अपनी प्राथमिक शिक्षा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उनकी सफलता की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने किसी नामी-गिरामी या मंहगी कोचिंग के बजाय स्वयं की मेहनत और सधी हुई रणनीति पर भरोसा किया। बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान की मदद के देश की टॉप-10 सूची में आना उनकी कुशाग्र बुद्धि और एकाग्रता का प्रमाण है।

परिणामों की घोषणा के बाद से ही शामली स्थित उनके पैतृक निवास पर जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आस्था जैन की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सफलता किसी महानगर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। एक छोटे से कस्बे की बेकरी से निकलकर शीर्ष प्रशासनिक सेवा तक का यह सफर आने वाली पीढ़ियों को यह विश्वास दिलाता रहेगा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कामयाबी का आसमान छूना नामुमकिन नहीं है।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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