बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है, जिसने राज्य में वर्षों से चर्चा में रही ‘पकड़वा विवाह’ की कुप्रथा को सुर्खियों में ला दिया है। पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे एक युवक को कथित रूप से अगवा कर, नशीला पदार्थ देकर, जबरन विवाह के मंडप तक ले जाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।



जानकारी के अनुसार, यह घटना समस्तीपुर जिले के सरायरंजन क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़ित युवक बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था और अपने भविष्य को लेकर गंभीर था। आरोप है कि कुछ लोगों ने उसे निशाना बनाया, नशीला पदार्थ देकर बेहोश या अर्धचेतन अवस्था में अपहरण कर लिया और सीधे विवाह स्थल पर ले गए। वहां कथित रूप से उस पर दबाव बनाकर शादी की रस्में पूरी कराई गईं।

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में युवक स्पष्ट रूप से असहज और व्याकुल दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह पूरी तरह से होश में नहीं था और उसे जबरन मंडप में बैठाकर वैवाहिक रीति-रिवाज निभाने के लिए बाध्य किया गया। हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस ने कहा है कि वीडियो की सत्यता और घटना के क्रम की गहन जांच की जा रही है।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को सरायरंजन क्षेत्र के एक गांव से बरामद किया और उसे सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अपहरण और जबरन विवाह के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



बिहार में ‘पकड़वा विवाह’ की परंपरा लंबे समय से सामाजिक चिंता का विषय रही है। इस प्रथा के तहत अविवाहित पुरुषों का अपहरण कर, अक्सर उनके उज्ज्वल भविष्य या स्थिर नौकरी की संभावना को देखते हुए, जबरन विवाह करा दिया जाता है। विशेष रूप से ऐसे युवक, जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हों या जिनका सामाजिक-आर्थिक भविष्य मजबूत माना जाता हो, कथित तौर पर निशाने पर रहते हैं। यद्यपि यह प्रथा अवैध है और कानून इसके विरुद्ध सख्त प्रावधान करता है, फिर भी समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।

कानूनी दृष्टि से, जबरन विवाह और अपहरण भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध हैं। यदि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाकर या नशीला पदार्थ देकर विवाह के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज में मौजूद उन जटिल सामाजिक दबावों और कुप्रथाओं की भी याद दिलाती है, जो आज भी कुछ क्षेत्रों में जीवित हैं। समस्तीपुर का यह मामला एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा करता है कि आधुनिक शिक्षा और जागरूकता के दौर में भी ऐसी घटनाएं क्यों घट रही हैं। फिलहाल, सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जो इस सनसनीखेज मामले की सच्चाई को उजागर करेगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story