बठिंडा की एक साधारण सी सुबह, चाय की प्याली के साथ शुरू हुई कहानी ने राजस्थान के एक सब्जी विक्रेता की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। कोटपूतली (जयपुर) के रहने वाले 35 वर्षीय अमित सेहरा को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उस दिन का छोटा-सा ठहराव उसकी किस्मत का सबसे बड़ा मोड़ साबित होगा।


अमित उस दिन अपने दोस्त मुकेश के साथ बठिंडा में रुके थे। मुकेश ने मज़ाक में कहा, “चलो, लॉटरी टिकट ले लेते हैं, शायद किस्मत साथ दे दे।” अमित ने पहले तो मना किया, लेकिन दोस्त के कहने पर उसने दो ‘पंजाब स्टेट दीवाली बंपर लॉटरी’ टिकट खरीद लिए — एक अपने नाम और दूसरा अपनी पत्नी के नाम पर। टिकट रत्तन लॉटरी डिस्ट्रीब्यूटर से खरीदे गए थे। टिकट की कीमत चुकाने के लिए अमित ने मुकेश से ₹1,000 उधार लिए। हंसते हुए अमित ने कहा था, “अगर जीत गया तो तेरी बेटियों को ₹1 करोड़ दूंगा।” शायद किस्मत ने उसी क्षण यह वादा सुन लिया था।


31 अक्टूबर को जब पंजाब सरकार की दीवाली बंपर लॉटरी का ड्रॉ निकला, तो ‘ए-सीरीज़ नंबर 438586’ ने ₹11 करोड़ का पहला इनाम जीता — और यह टिकट अमित के नाम निकला। लेकिन उस समय अमित को इसकी कोई खबर नहीं थी, क्योंकि उसका मोबाइल फोन खराब था। उधर, मुकेश लगातार कॉल कर रहा था, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। आखिरकार वह दौड़ते हुए अमित के घर पहुंचा और जब उसे खबर दी कि उसने ₹11 करोड़ जीत लिए हैं, तो अमित को यकीन ही नहीं हुआ। “पहले तो लगा, वो मजाक कर रहा है। लेकिन जब हमने टिकट नंबर मिलाया, तो सब सच निकला,” अमित मुस्कराते हुए बताते हैं।


इस बीच, रत्तन लॉटरी एजेंसी के मालिक उमेश कुमार भी अपने टिकट खरीददार को ढूंढने में जुटे थे। “हम लगभग 40 साल से इस व्यवसाय में हैं। अब तक हमारी एजेंसी से 42 लोग करोड़पति बने हैं, लेकिन ₹11 करोड़ जीतने वाला यह पहला मामला है,” उमेश गर्व से बताते हैं।


मंगलवार को जब अमित अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ पहुंचा, तो भी उसे यकीन नहीं हो रहा था कि वह अब करोड़पति बन चुका है। “मैं तो ठेले पर सब्ज़ियां बेचकर गुज़ारा करता हूं। ऐसा कभी सपने में भी नहीं सोचा था। अब सबसे पहले अपने दोस्त मुकेश को ₹1 करोड़ दूंगा, जैसा वादा किया था। उसकी बेटियां मेरी बेटियों जैसी हैं,” अमित ने भावुक होकर कहा।


अमित और मुकेश की दोस्ती 17 साल पुरानी है। मुकेश बताते हैं, “हम भाईयों की तरह हैं। हर बार पंजाब आने पर मैं लॉटरी टिकट लेता था, इस बार अमित ने खरीदा — और उसकी किस्मत चमक गई।”


₹11 करोड़ की रकम में से 30% टैक्स कटने के बाद करीब ₹7.7 करोड़ की राशि अमित के खाते में जमा होगी। एजेंसी मालिक उमेश कहते हैं, “हमें हमारी कमीशन सीधे सरकार से मिलती है, हम विजेताओं से कुछ नहीं लेते। मैं सबको कहता हूं, ज़िंदगी में एक बार दीवाली बंपर ज़रूर खरीदें — पता नहीं कब लक्ष्मी जी मुस्करा दें।”


आज जब अमित सेहरा अपने पुराने ठेले को देखता है, तो उसे अपनी मेहनत के दिन याद आते हैं। पर उसका स्वभाव अब भी उतना ही विनम्र है। “ये सब किस्मत का खेल है, मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक कप चाय मेरी ज़िंदगी बदल देगी,” वह मुस्कुराते हुए कहते हैं।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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