ज्योर्तिमठ (चमोली)। सीमावर्ती पहाड़ी गांव मेहर में बुधवार को अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही पलों में तबाही का रूप ले लिया। आग की चपेट में आकर तीन से चार आवासीय मकान पूरी तरह जल गए, जिससे घरों में रखा सारा घरेलू सामान राख में तब्दील हो गया। इस हादसे में प्रभावित परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और आईटीबीपी की टीमें भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, तब तक घरों का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो चुका था।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में आग से बचाव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां एक छोटी चिंगारी भी बड़े संकट का कारण बन सकती है।

Pratahkal Newsroom

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