केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा; ओडिशा में NH-326 अपग्रेडेशन को मंजूरी
केंद्र सरकार ने ओडिशा के NH-326 के अपग्रेडेशन को मंजूरी देते हुए ₹1,526 करोड़ की सड़क परियोजना को हरी झंडी दी है। इस परियोजना से गजपति, रायगड़ा और कोरापुट जिलों में यात्रा, माल ढुलाई और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

Odisha NH-326 upgrade cabinet approva : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक में ओडिशा के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH-326 के व्यापक अपग्रेडेशन को स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत दक्षिणी ओडिशा की सड़क कनेक्टिविटी को आधुनिक और सुरक्षित बनाया जाएगा। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगी।
सरकारी फैसले के अनुसार, NH-326 के किमी 68.6 से किमी 311.7 तक के हिस्से को दो लेन से पक्के शोल्डर वाली दो लेन सड़क में बदला जाएगा। इस पूरे कार्य को EPC मॉडल पर अंजाम दिया जाएगा और इसकी कुल अनुमानित लागत 1,526.21 करोड़ रुपये होगी। परियोजना के पूरा होने के बाद सड़क की क्षमता, मजबूती और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
इस सड़क परियोजना से विशेष रूप से गजपति, रायगड़ा और कोरापुट जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, बेहतर सड़क नेटवर्क से इन क्षेत्रों में यात्रा समय घटेगा और माल ढुलाई अधिक तेज़ व भरोसेमंद होगी। इससे स्थानीय उद्योगों, शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन स्थलों तक लोगों की पहुंच आसान बनेगी, जिससे समावेशी विकास को गति मिलेगी।
फिलहाल मोहन–कोरापुट सेक्शन की सड़क कमजोर संरचना, तीखे मोड़ों, ढलानों और संकरी लेन के कारण भारी वाहनों की आवाजाही के लिए चुनौती बनी हुई है। अपग्रेडेशन के तहत सड़क की ज्यामिति सुधारी जाएगी, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट हटाए जाएंगे और सड़क को अधिक टिकाऊ बनाया जाएगा। इससे वाहन संचालन लागत कम होगी और यात्रियों को सुरक्षित व निर्बाध सफर का अनुभव मिलेगा।
यह परियोजना NH-26, NH-59, NH-16 और रायपुर–विशाखापत्तनम कॉरिडोर के साथ बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। साथ ही गोपालपुर पोर्ट, जयपुर एयरपोर्ट और प्रमुख रेलवे स्टेशनों तक अंतिम मील की पहुंच भी मजबूत होगी। इसके परिणामस्वरूप औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।
सरकार का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से यात्रा में लगभग 2.5 से 3 घंटे की बचत होगी और दूरी भी करीब 12 किलोमीटर कम हो जाएगी। परियोजना को 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद पांच वर्षों तक रखरखाव किया जाएगा। निर्माण अवधि के दौरान और उसके बाद बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
