मुंबई के नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। 1925 में स्थापित संगठन के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक विमर्श के साथ-साथ फिल्म जगत की चर्चित हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। यह आयोजन न केवल संगठन के ऐतिहासिक पड़ाव का प्रतीक था, बल्कि समकालीन भारत में विचारधारात्मक संवाद के मंच के रूप में भी सामने आया।

समारोह के दौरान बॉलीवुड के कई नामचीन चेहरे—रणबीर कपूर, विक्की कौशल, करण जौहर और शिल्पा शेट्टी—कार्यक्रम में उपस्थित दिखे। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया। RSS प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे, जिनमें उन्होंने हिंदू पहचान, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भूमिका पर विचार रखे। उनके वक्तव्यों में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन और अवैध घुसपैठ के कारण रोजगार प्रतिस्पर्धा पर चिंता जैसे मुद्दे शामिल थे।



कार्यक्रम के दौरान उपस्थित हस्तियों की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में रहीं। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने स्वयं को संघ की विचारधारा से प्रभावित बताते हुए कहा कि उन्होंने इस मंच से बहुत कुछ सीखने को पाया। वहीं, फिल्म निर्माता करण जौहर ने मोहन भागवत के भाषणों को “सूझ-बूझ भरा और हल्के-फुल्के हास्य से भरपूर” बताया, जिससे गंभीर विषयों पर भी संवाद सहज बना। अभिनेता रणबीर कपूर और विक्की कौशल की उपस्थिति को लेकर भी राजनीतिक और सांस्कृतिक हलकों में व्यापक चर्चा हुई, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान देने से परहेज किया।

इस आयोजन की गूंज केवल सभागार तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज रहा। कॉमेडियन और टिप्पणीकार कुणाल कामरा जैसे आलोचकों ने फिल्मी सितारों की उपस्थिति पर सवाल उठाए और तीखी टिप्पणियां कीं। हालांकि, आयोजन से जुड़े आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्यक्रम वैचारिक संवाद और सांस्कृतिक चर्चा के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की भागीदारी स्वाभाविक है।



RSS का यह शताब्दी समारोह संगठन के इतिहास, उसके सामाजिक योगदान और भविष्य की दिशा पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में संगठन की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की यात्रा को प्रदर्शित करने वाली प्रस्तुतियां और सत्र भी शामिल थे, जिनका उद्देश्य युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ना था। नेहरू सेंटर जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर आयोजित यह कार्यक्रम सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से भी पूरी तरह व्यवस्थित रहा।

समापन सत्र में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शताब्दी समारोह केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए विचार और कार्य की दिशा तय करने का अवसर है। बॉलीवुड हस्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को व्यापक जनसमूह तक पहुंचाया, वहीं इसके वैचारिक संदेश ने राष्ट्रीय विमर्श में नई बहस को जन्म दिया। इस प्रकार, मुंबई में आयोजित यह शताब्दी समारोह भारतीय समाज, संस्कृति और राजनीति के बदलते परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हुआ।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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