केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज़ाद हिंद फ़ौज की 82वीं वर्षगांठ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने नेताजी के साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि INA ने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा और जोश भरकर देशवासियों को प्रेरित किया।

21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद फ़ौज' और 'आज़ाद हिंद सरकार' की स्थापना की थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान की सहायता से गठित इस सेना का उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना था। इसकी नींव रास बिहारी बोस ने रखी थी, लेकिन बाद में नेताजी ने इसकी बागडोर संभाली और इसे एक सशक्त सैन्य बल के रूप में संगठित किया। आज देश आज़ाद हिंद फ़ौज की स्थापना की 82वीं वर्षगांठ मना रहा है।


'आज़ाद हिंद सरकार' को जापान, जर्मनी, इटली, बर्मा, फिलीपींस और कई अन्य देशों ने मान्यता दी थी। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम की पहली ऐसी सरकार थी जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई। नेताजी ने 4 जुलाई 1943 को आज़ाद हिंद फ़ौज की कमान अपने हाथों में ली और सिंगापुर में ऐतिहासिक नारा दिया – "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा।" यह नारा आज़ादी की लड़ाई में हर भारतीय के दिल में जोश भर देने वाला साबित हुआ।

आज़ाद हिंद फ़ौज में करीब 50,000 सैनिक शामिल थे, जिनमें दक्षिण-पूर्व एशिया के भारतीय प्रवासी और युद्धबंदी भी थे। इस सेना ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भर दी। 1945 में आज़ाद हिंद फ़ौज के सैनिकों पर चले रेड फोर्ट ट्रायल्स ने पूरे देश में ब्रिटिश शासन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया। इस मुकदमे ने भारतीय जनता और सेना दोनों में असंतोष की लहर फैला दी। इतिहासकारों का मानना है कि आज़ाद हिंद फ़ौज के संघर्ष ने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और भारत की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज़ाद हिंद फ़ौज की स्थापना दिवस पर नेताजी और उनके वीर सेनानियों को याद किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल X (ट्विटर)पर लिखा, "आज़ाद हिंद फ़ौज के स्थापना दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी और INA के वीर सेनानियों को नमन। नेताजी ने यह विश्वास जगाया कि अपनी सेना और सैन्य अभियानों के बल पर देशवासी स्वाधीनता प्राप्त कर सकते हैं।" अमित शाह ने 1943 में अंडमान में आज़ाद हिंद फ़ौज द्वारा पहली बार तिरंगा फहराने की ऐतिहासिक घटना को भी याद किया।


इस अवसर पर देशभर में श्रद्धांजलि सभाएं, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

  • नई दिल्ली के लाल किले में नेताजी और आज़ाद हिंद फ़ौज को समर्पित विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसमें सेना के अधिकारियों, एनसीसी कैडेट्स और इतिहासकारों ने नेताजी के योगदान को याद किया।
  • कोलकाता में नेताजी भवन और नेताजी रिसर्च ब्यूरो में प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें आज़ाद हिंद फ़ौज से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें, पत्र और दस्तावेज़ प्रदर्शित किए गए हैं।
  • स्कूलों और विश्वविद्यालयों में ‘जय हिंद सप्ताह’ मनाया जा रहा है ताकि नई पीढ़ी नेताजी के साहस और बलिदान से प्रेरणा ले सके।


प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज़ाद हिंद फ़ौज की 82वीं वर्षगांठ पर हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके साहसी सैनिकों को नमन करते हैं। उनका बलिदान आज भी हर भारतीय को देशभक्ति की प्रेरणा देता है।"


Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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