सचिवालय के BJP विलय मंजूरी के बाद क्या राज्यसभा में अब Aap का अस्तित्व है खतरे में? जाने विस्तार से
आम आदमी पार्टी से इस्तीफा ने देने वाले राघव चड्ढा समेत सभी 7 सांसदों ने सोमवार (27 अप्रैल) को आधिकारिक तौर पर BJP की सदस्यता ले ली.

नई दिल्ली स्थित संसद भवन में राज्यसभा की कार्यवाही का दृश्य जहाँ 'आप' के सात बागी सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दी गई।
Raghav Chadha joins BJP officially April 2026 : भारतीय राजनीति के इतिहास में सोमवार, 27 अप्रैल का दिन एक बड़े उलटफेर का गवाह बना, जिसने उच्च सदन के समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। महीनों से जारी कयासों और राजनीतिक खींचतान पर पूर्णविराम लगाते हुए आम आदमी पार्टी के सात बागी सांसदों ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और हरभजन सिंह जैसे बड़े चेहरों के पाला बदलने से जहां भाजपा राज्यसभा में अभूतपूर्व रूप से शक्तिशाली हुई है, वहीं अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी अब महज तीन सांसदों के साथ हाशिए पर सिमटती नजर आ रही है। इस विलय को राज्यसभा सचिवालय ने भी अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है, जिसके बाद एनडीए का संख्याबल बढ़कर 148 पहुंच गया है, जो सरकार के लिए विधायी मोर्चे पर एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम की औपचारिक घोषणा केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से की। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। अब राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक समेत सभी सातों बागी नेता भाजपा संसदीय दल के अभिन्न सदस्य बन चुके हैं। भाजपा ने इसे राष्ट्र प्रथम की नीति की जीत बताया है, वहीं राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना ने इस दलबदल को कानूनी जामा पहना दिया है। इस बदलाव के बाद अब राज्यसभा में केवल संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल ही 'आप' की उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जो पार्टी के लिए एक गंभीर अस्तित्वगत संकट की ओर इशारा करता है।
दूसरी ओर, इस राजनीतिक टूट ने आम आदमी पार्टी के भीतर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। 'आप' नेता संजय सिंह ने इसे लोकतंत्र और पंजाब की जनता के साथ क्रूर विश्वासघात करार देते हुए बागी सांसदों को बर्खास्त करने की मांग की है। संजय सिंह ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने डरा-धमकाकर और लालच देकर जनादेश को लूटने का काम किया है। हालांकि, राघव चड्ढा ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर पार्टी के आरोपों पर पलटवार किया है। चड्ढा ने 'आप' के भीतर 'टॉक्सिक' माहौल और भ्रष्टाचार का दावा करते हुए कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने जीवन के 15 साल दिए, वह अब समझौतावादी लोगों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है। यह राजनीतिक महासंग्राम अब केवल संसद तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि आने वाले दिनों में इसके कानूनी और चुनावी परिणाम देश की राजनीति की नई दिशा तय करेंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
