₹2,539 करोड़ की BIND योजना: HD चैनल से OTT तक, दूरदर्शन-आकाशवाणी की नई पहचान
भारत सरकार ने ₹2,539.61 करोड़ की BIND योजना के तहत दूरदर्शन और आकाशवाणी के आधुनिकीकरण की शुरुआत की है। HD चैनल, WAVES OTT, नई कंटेंट नीति और लाइव टेलीकास्ट के जरिए सार्वजनिक प्रसारण की पहुंच, गुणवत्ता और डिजिटल उपस्थिति को मजबूत किया जा रहा है।

दूरदर्शन और आकाशवाणी के आधुनिकीकरण (रचनात्मक तस्वीर)
देश के सार्वजनिक प्रसारण तंत्र को नई ऊर्जा और आधुनिक पहचान देने की दिशा में भारत सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। दूरदर्शन और आकाशवाणी, जो दशकों से सूचना, शिक्षा और संस्कृति के वाहक रहे हैं, अब तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में खुद को और अधिक प्रासंगिक बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। ₹2,539.61 करोड़ की ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क डेवलपमेंट (BIND) योजना के तहत सरकार इन दोनों संस्थानों को तकनीकी, कंटेंट और पहुंच—तीनों स्तरों पर सशक्त कर रही है।
इस व्यापक योजना का उद्देश्य केवल प्रसारण सुविधाओं का आधुनिकीकरण नहीं है, बल्कि दर्शकों और श्रोताओं के साथ सार्वजनिक मीडिया के संबंध को नए सिरे से परिभाषित करना भी है। हाई-डेफिनिशन चैनलों की शुरुआत, आधुनिक स्टूडियो और ट्रांसमिशन सिस्टम, तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विस्तार इस बदलाव के प्रमुख स्तंभ हैं। इसी कड़ी में ‘WAVES’ नामक नया ओटीटी प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया है, जो दूरदर्शन और आकाशवाणी की सामग्री को डिजिटल दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
कंटेंट की गुणवत्ता और विविधता बढ़ाने के लिए सरकार ने वर्ष 2024 में कंटेंट सोर्सिंग पॉलिसी को सरल किया। इस नई नीति के तहत कार्यक्रमों की खरीद और निर्माण की प्रक्रिया को तेज और अधिक समावेशी बनाया गया है, ताकि स्वतंत्र निर्माता, रचनात्मक पेशेवर और क्षेत्रीय कलाकार व्यापक स्तर पर भागीदारी कर सकें। इसके परिणामस्वरूप दूरदर्शन के 66 प्रोग्राम प्रोडक्शन सेंटर्स में स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों से जुड़े कार्यक्रमों का निर्माण तेज हुआ है।
सरकार ने कलाकारों और कैजुअल असाइनीज़ की दरों में संशोधन कर बेहतर प्रतिभाओं को आकर्षित करने की पहल भी की है। क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय केंद्रों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अवसर देकर न केवल रोजगार के नए रास्ते खुले हैं, बल्कि दर्शकों को अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़े प्रामाणिक कार्यक्रम भी देखने को मिल रहे हैं।
तकनीकी और रचनात्मक सुधारों के साथ-साथ सार्वजनिक प्रसारण की भूमिका को राष्ट्रीय आयोजनों और महत्वपूर्ण क्षणों में भी मजबूती मिली है। महाकुंभ 2025 जैसे विशाल धार्मिक आयोजन से लेकर इसरो के अंतरिक्ष अभियानों तक, दूरदर्शन और आकाशवाणी ने लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से करोड़ों नागरिकों तक जानकारी पहुंचाई है। इन प्रसारणों ने न केवल जनसंपर्क को मजबूत किया, बल्कि सरकारी मीडिया की विश्वसनीयता और पहुंच को भी रेखांकित किया।
आर्थिक मोर्चे पर भी ये प्रयास असर दिखा रहे हैं। सरकार के अनुसार, आकाशवाणी और दूरदर्शन ने गैर-सरकारी विज्ञापनों से ₹587.78 करोड़ की आय अर्जित की है, जो इनके व्यावसायिक सामर्थ्य और बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, BIND योजना और उससे जुड़े सुधार सार्वजनिक प्रसारण को नई दिशा देने का संकेत हैं। यह पहल तकनीक, कंटेंट और जनसरोकार के संतुलन के साथ एक ऐसे आधुनिक मीडिया तंत्र की नींव रखती है, जो सूचना के लोकतंत्रीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण—दोनों उद्देश्यों को साथ लेकर आगे बढ़ता है।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
