जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में बड़ा सड़क हादसा। रामनगर से आ रही बस पलटने से 12 यात्रियों की दर्दनाक मौत। लापरवाही से हुआ हादसा, रेस्क्यू ऑपरेशन और जांच जारी।

Udhampur bus acciden : जम्मू-कश्मीर की शांत वादियों में चीख-पुकार और मातम का सन्नाटा पसर गया है। ऊधमपुर के रामनगर इलाके में मौत अपना खौफनाक रूप लेकर आई, जब एक तेज रफ्तार यात्री बस अचानक बेकाबू होकर पलट गई। इस रूह कंपा देने वाले सड़क हादसे में 12 बेगुनाह यात्रियों की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। घटनास्थल पर बिखरा खून और हवा में गूंजती अपनों को खोने की चीखें इस त्रासदी की भयावहता को बयां कर रही हैं। एक सामान्य यात्रा पलक झपकते ही मौत के खौफनाक मंजर में तब्दील हो गई, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस और चश्मदीदों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह बदनसीब बस रामनगर से उधमपुर की ओर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रही थी। तभी जालो क्षेत्र के कागोत इलाके के पास एक खतरनाक मोड़ पर यह जानलेवा हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना नहीं, बल्कि तेज रफ्तार और लापरवाही भरी ड्राइविंग (रैश ड्राइविंग) का नतीजा था। बताया जा रहा है कि एक मोड़ पर तेज रफ्तार से दौड़ती बस का टायर अचानक फट गया, जिससे चालक ने पूरी तरह से नियंत्रण खो दिया और बस बेकाबू होकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आसपास के लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाला और युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में फंसे लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया जा रहा है, जहां घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस भीषण दुर्घटना ने पूरे प्रदेश प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की असल वजहों की गहराई से जांच शुरू कर दी है, ताकि लापरवाही के जिम्मेदारों को कटघरे में खड़ा किया जा सके। इस महात्रासदी पर राज्य के शीर्ष राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे एक हृदयविदारक घटना बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस त्रासदी पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इस दुर्घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है और उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना को दिल दहला देने वाला करार देते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्वास्थ्य विभाग को प्रभावितों को हर संभव और त्वरित सहायता प्रदान करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर यातायात सुरक्षा और ड्राइविंग के नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 12 परिवारों के उजड़ जाने की यह घटना महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक ऐसा गहरा घाव है, जो लंबे समय तक ऊधमपुर की वादियों में रिसता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस त्रासदी से सबक लेकर भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और लापरवाह ड्राइविंग पर किस तरह से नकेल कसी जाती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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