निम्बाहेड़ा में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का वार्षिक सदस्यता अभियान शुरू
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान द्वारा 15 से 25 अप्रैल तक 10 दिवसीय अभियान के तहत शिक्षकों को संगठन से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

निम्बाहेड़ा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के वार्षिक सदस्यता अभियान के शुभारंभ अवसर पर सदस्यता रसीदें प्रदर्शित करते पदाधिकारी और शिक्षक।
'संगठन की रीढ़ उसकी सदस्यता होती है' : निम्बाहेड़ा में शैक्षिक महासंघ का 10 दिवसीय वार्षिक सदस्यता अभियान शुरूनिम्बाहेड़ा। "किसी भी जीवंत संगठन की वास्तविक शक्ति और उसकी रीढ़ की हड्डी उसकी सदस्यता होती है," इन प्रभावी शब्दों के साथ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा खंड निम्बाहेड़ा द्वारा 15 से 25 अप्रैल तक चलने वाले 10 दिवसीय वार्षिक सदस्यता अभियान का विधिवत शंखनाद किया गया। अभियान के दौरान संगठन के विभिन्न प्रदेश, जिला एवं खंड स्तरीय पदाधिकारियों ने क्षेत्र के विद्यालयों का सघन दौरा कर शिक्षकों को राष्ट्र और शिक्षा के व्यापक हित में एकजुट होने का आह्वान किया।अभियान के अंतर्गत प्रदेश शैक्षिक प्रकोष्ठ सदस्य डॉ. हीरालाल लुहार, प्रदेश प्रशिक्षण प्रकोष्ठ सदस्य मदन लाल जोशी, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ सदस्य पवन शेखावत, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवींद्र सिंह सिसोदिया, जिला महिला उपाध्यक्ष राजी कुमावत, जिला पुस्तकालय प्रतिनिधि मांगीलाल सुथार, खंड अध्यक्ष निर्भय राम धाकड़, मंत्री सुरेश चंद्र कुम्हार, महिला मंत्री विद्या जटिया तथा कोषाध्यक्ष निर्भय राम धाकड़ सहित अनेक दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन पदाधिकारियों ने निम्बाहेड़ा खंड के ढोरिया, चंगेड़ी, नरसाखेड़ी, नरसिंहगढ़, कदमाली, मरजीवी, निम्बोदा, बडोलीघाटा, कोटड़ीकला और मिण्डाना जैसे सुदूर क्षेत्रों में पहुंचकर शिक्षकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान शिक्षकों को संगठन द्वारा वर्ष भर किए गए रचनात्मक कार्यों से अवगत कराया गया और उनके सेवाकाल में आ रही विभिन्न समस्याओं का संकलन भी किया गया।सदस्यता ग्रहण करने की इस प्रक्रिया में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने महती जिम्मेदारी संभाली। बिनोता में डॉ. हीरालाल लुहार, मिण्डाना में श्यामलाल जटिया, वर्षारानी बैरागी व ओम प्रकाश जाट, ढोरिया में हरीश कुमार तानान, सत्यनारायण आमेटा व उदयलाल अहीर, निम्बाहेड़ा में मनोहर लाल जैन, रमेश लखारा व सुनीता शर्मा, बाड़ी जोन में मदनलाल जोशी व राजी कुमावत, मरजीवी में अशोक श्रीमाली व रामसिंह रावत, विजयपुरा में दीपक टेलर, निम्बोदा में मांगीलाल सुथार व कालुराम जटिया, सेमलिया में योगेश कुर्किया, कोटड़ी में भूरालाल, बडोलीघाटा में महेश पुरोहित व कालुराम गाडरी एवं बडोली माधोसिंह में रोशनलाल धोबी ने सदस्यता रसीदें काटकर संगठन को वैचारिक और संख्यात्मक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया।विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से लेकर पंचायत शिक्षकों और कंप्यूटर अनुदेशकों ने भी इस अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए सदस्यता ग्रहण की। सभी ने एक स्वर में 'राष्ट्र हित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक और शिक्षक हित में समाज' के मूल संकल्प को चरितार्थ करने के लिए अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। यह अभियान शिक्षकों के बीच न केवल संगठन की पैठ मजबूत कर रहा है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए शिक्षकों को एकजुट करने का माध्यम भी बना है।

