नाशिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर 30 और 31 अक्टूबर को यात्रा करने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के तहत 31 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। समारोह के मद्देनजर प्रशासन ने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर यातायात में बड़े बदलाव किए हैं और वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है।

नाशिक जिले के त्र्यंबकेश्वर में कुशावर्त कुंड और नए घाट परिसर में ध्वजारोहण समारोह आयोजित होगा। इस दौरान श्रद्धालुओं, नागरिकों और अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की संभावना है। यातायात जाम से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। ये बदलाव 30 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से 31 अक्टूबर को रात 8 बजे तक प्रभावी रहेंगे। अपर जिलाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने इस संबंध में यातायात अधिसूचना जारी की है।

नाशिक से त्र्यंबकेश्वर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग

नाशिक से त्र्यंबकेश्वर जाने वाले वाहन चालकों को सामान्य मार्ग के बजाय अमृत चौक से बारदान फाटा, गोवर्धन, गिरणारे, धोंडेगांव, देवरगांव, वाघेरा फाटा, अंबोली फाटा और सापगांव होते हुए त्र्यंबकेश्वर पहुंचना होगा। प्रशासन ने इस मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में निर्धारित किया है।

त्र्यंबकेश्वर से नाशिक लौटने के लिए वैकल्पिक रास्ता

त्र्यंबकेश्वर से नाशिक आने वाले वाहनों के लिए भी अलग मार्ग तय किया गया है। वाहन चालकों को अंबोली टी पॉइंट से वाघेरा फाटा, कोने, साप्ते, देवरगांव, गिरणारे और गोवर्धन होते हुए नाशिक पहुंचना होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित मार्ग की जानकारी लें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

मुंबई से त्र्यंबकेश्वर आने वाले वाहनों के लिए बदलाव

मुंबई की ओर से त्र्यंबकेश्वर जाने वाले वाहनों को भी सामान्य मार्ग में बदलाव के कारण वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना होगा। वैतरणा फाटा-पहिने-त्र्यंबकेश्वर मार्ग के बजाय वाहन चालकों को वैतरणा फाटा से नाशिक, अमृत गार्डन, बारदान फाटा, गोवर्धन, गिरणारे और धोंडेगांव होते हुए त्र्यंबकेश्वर पहुंचना होगा। मुंबई से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा की योजना बनाते समय इस बदलाव का ध्यान रखने की अपील की गई है।

पहिने-पेगलवाड़ी क्षेत्र के लिए अलग यातायात व्यवस्था

पहिने-पेगलवाड़ी क्षेत्र से नाशिक और त्र्यंबकेश्वर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

पहिने से नाशिक जाने वाले वाहन चालकों को आहुर्ली, सांजेगांव और वाडीवऱ्हे होते हुए नाशिक पहुंचना होगा। वहीं, पहिने से त्र्यंबकेश्वर जाने वाले वाहनों के लिए भिलमाळ, निरगुडपाडा, जांभुळपाडा और सापगांव होते हुए त्र्यंबकेश्वर पहुंचने का मार्ग तय किया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन वैकल्पिक रास्तों से यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर होगा ध्वजारोहण

त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के लिहाज से इस कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया जा रहा है। समारोह को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर शहर के विभिन्न मंदिरों में विद्युत रोशनी और सजावट की तैयारियां भी चल रही हैं। इसके अलावा, 30 अक्टूबर को ग्रामफेरी का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है। यातायात में किए गए बदलावों का उद्देश्य समारोह के दौरान भीड़ और जाम की स्थिति से बचना तथा नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना है।

वाहन चालकों से पहले से यात्रा की योजना बनाने की अपील

प्रशासन ने 30 और 31 अक्टूबर को नाशिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों से पहले से योजना बनाने, निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। यात्रियों को सफर के लिए अतिरिक्त समय रखने की भी सलाह दी गई है।

नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के बीच यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए इन बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है। यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक यातायात अधिसूचनाओं की जांच करने से अनावश्यक जाम और देरी से बचने में मदद मिल सकती है।

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