सिंहस्थ कुंभमेले 2026-27 से पहले नाशिक के रामघाट, पंचवटी और त्र्यंबकेश्वर स्थित कुशावर्त तालाब परिसर में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की कवायद तेज हो गई है। इन धार्मिक स्थलों के आसपास शराब बिक्री पर रोक लगाने के प्रस्ताव के तहत नाशिक महानगरपालिका से रिपोर्ट मांगी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आगे का निर्णय लेने की दिशा में कदम उठा रहा है।

कुंभमेले के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु नाशिक तथा त्र्यंबकेश्वर पहुंचेंगे। ऐसे में धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने, श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था कायम रखने के उद्देश्य से शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री की बैठक में शराब बिक्री पर रोक का मुद्दा उठा

मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित सिंहस्थ कुंभमेले की समीक्षा बैठक में रामघाट, पंचवटी और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तालाब परिसर में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में शराब बिक्री पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

बैठक के बाद संबंधित विभागों ने प्रस्ताव पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से शराब बिक्री पर प्रतिबंध के दायरे और इसे लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

महाराष्ट्र मद्यनिषेध अधिनियम के तहत प्रतिबंध का प्रस्ताव

शराब बिक्री पर संभावित रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र मद्यनिषेध अधिनियम, 1949 की धारा 139 के प्रावधानों के तहत आदेश जारी करने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने से पहले कुछ बिंदुओं पर अधिक स्पष्टता की आवश्यकता संबंधित विभागों की ओर से बताई गई है।

गृह विभाग और राज्य आबकारी विभाग ने इस संबंध में आवश्यक जानकारी मांगी है। ऐसे में नाशिक महानगरपालिका की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

पंचवटी और कुशावर्त तालाब के आसपास के क्षेत्र पर विशेष ध्यान

नाशिक का रामघाट और पंचवटी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। इसी तरह त्र्यंबकेश्वर स्थित कुशावर्त तालाब का भी कुंभमेले के दौरान विशेष महत्व रहता है। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन क्षेत्रीय प्रबंधन, सुरक्षा और आवश्यक प्रतिबंधों से जुड़े इंतजामों पर ध्यान दे रहा है।

प्रस्तावित योजना के तहत संबंधित धार्मिक स्थलों के आसपास शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों के लिए दो से तीन किलोमीटर के दायरे का विकल्प भी विचाराधीन होने की जानकारी है। हालांकि, प्रतिबंधित क्षेत्र की निश्चित सीमा और रोक का वास्तविक स्वरूप आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

अंतिम आदेश के बाद ही प्रतिबंध की स्थिति होगी स्पष्ट

शराब बिक्री पर प्रतिबंध लागू करने से पहले आवश्यक रिपोर्ट, कानूनी प्रावधानों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी है। फिलहाल इस मामले में प्रस्ताव के स्तर पर कार्रवाई जारी है। अंतिम आदेश या आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन क्षेत्रों में शराब बिक्री पर रोक लागू होगी और प्रतिबंध की सीमा क्या रहेगी।

सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के तहत प्रशासन विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है। धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कुंभमेले का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शराब बिक्री पर संभावित प्रतिबंध के प्रस्ताव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब महानगरपालिका की रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर इस मामले में अंतिम निर्णय का इंतजार है।

Pratahkal Bureau

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