नाशिक के अंबड-सातपुर में जल प्रदूषण पर सख्ती, अवैध उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश
नाशिक के अंबड-सातपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल प्रदूषण की समस्या पर पालकमंत्री गिरीश महाजन ने सख्त रुख अपनाया है। अवैध उद्योगों की जांच, दूषित पानी के निपटान, सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर कई निर्देश जारी किए गए हैं।

नाशिक के अंबड-सातपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य के जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री गिरीश महाजन ने अवैध रूप से संचालित उद्योगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दूषित पानी जमीन में छोड़कर भूजल स्रोतों को प्रदूषित करने वाले उद्योगों की जांच करने, ऐसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने और सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं का काम निर्धारित समय में पूरा कर उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दोपहर में जिला कलेक्टर कार्यालय में पालकमंत्री गिरीश महाजन की अध्यक्षता में अंबड-सातपुर जल प्रदूषण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महापौर हिमगौरी आडके-आहेर, विधायक राहुल ढिकले, विधायक सीमा हिरे, विधायक हिरामण खोसकर, नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह, महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वेंकटेश गीते, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश गोवर्धने, एमआईडीसी के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक पाटील, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी श्री. किल्लेदार, उप अधिकारी प्रणव पाखले और अपर तहसीलदार अमोल निकम उपस्थित थे। इनके अलावा संबंधित विभागों के अधिकारी और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
पालकमंत्री महाजन ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के कुछ उद्योगों द्वारा बिना प्रक्रिया किए दूषित पानी जमीन में छोड़े जाने से बोरवेल और कुओं जैसे भूजल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए जल प्रदूषण फैलाने वाले अनधिकृत उद्योगों का सर्वेक्षण कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि दूषित पानी का निपटान निर्धारित नियमों के अनुसार ही हो रहा है।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं का काम एक महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। औद्योगिक अपशिष्ट जल का उचित उपचार सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं को पूरी क्षमता से संचालित करने पर विशेष ध्यान देने और लंबित अपशिष्ट जल प्रबंधन संबंधी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को भी कहा।
दूषित पानी को नदियों और नालों में मिलने से रोकने तथा भूजल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए जल संसाधन विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। भूजल स्रोतों की स्थिति का आकलन करने और आवश्यक तकनीकी उपाय तय करने के लिए महाराष्ट्र पर्यावरण अभियांत्रिकी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (मेरी) तथा भूजल सर्वेक्षण एवं विकास एजेंसी की सहायता लेने को भी कहा गया।
बैठक में जल प्रदूषण से नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की समीक्षा करने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। संबंधित स्वास्थ्य शिकायतों से जूझ रहे नागरिकों की जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
पालकमंत्री महाजन ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को टैंकर के माध्यम से अथवा स्वतंत्र व्यवस्था के जरिए पानी उपलब्ध कराने और क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कराने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंबड-सातपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अवैध उद्योगों पर कार्रवाई, दूषित पानी के स्रोतों को बंद करना, सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं को चालू करना और भूजल की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।
महाजन ने सभी संबंधित विभागों को नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अंबड-सातपुर क्षेत्र में जल प्रदूषण रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी भी दी।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
