लाडनूं नगर पालिका: 53 लाख के टेंडर में लापरवाही, ताले लगे मिलने पर ठेकेदारों ने दिया ज्ञापन
टेंडर जमा कराने की अंतिम तिथि पर नगर पालिका कार्यालय बंद मिलने और अधिकारियों के फोन न उठाने पर ठेकेदारों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

लाडनूं नगर पालिका में टेंडर जमा कराने के लिए पहुंचे ठेकेदार और उनके प्रतिनिधि।
लाडनूं नगर पालिका में सार्वजनिक रोशनी व्यवस्था से जुड़े 53 लाख रुपये के तीन टेंडरों को लेकर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। 27 अक्टूबर 2026 को निविदाएं जमा करने की अंतिम समय सीमा निकलने तक नगर पालिका कार्यालय में संबंधित कक्षों पर ताले लगे रहे और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी उपलब्ध नहीं मिले। जयपुर, कोटा, डीडवाना सहित दूरदराज के शहरों से पहुंचे ठेकेदारों ने इस स्थिति पर रोष जताते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और टेंडर जमा करवाने अथवा निविदा प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की।
मंगलवार सुबह से ही नगर पालिका कार्यालय में ठेकेदारों और उनके प्रतिनिधियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। करीब 15 ठेकेदार फर्मों के मालिक और प्रतिनिधि सुबह 9.30 बजे से वहां पहुंचकर अपनी सीलबंद निविदाएं जमा करवाने के लिए इंतजार करते रहे। निविदा सूचना के अनुसार आवेदन और निविदा दस्तावेज जमा करने की अंतिम समय सीमा 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक निर्धारित थी, जबकि प्राप्त निविदाएं खोलने का समय दोपहर बाद 2 बजे तय किया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध नहीं हुए।
ठेकेदारों ने नगर पालिका कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से जानकारी मांगी तो उन्हें बताया गया कि अधिशाषी अधिकारी आज नहीं आने वाले हैं। निविदाओं से संबंधित क्लर्क नंदकिशोर चौधरी और जेईएन के कक्ष संख्या 8 पर ताला लगा हुआ था। पूछताछ के बावजूद ठेकेदारों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने अधिशाषी अधिकारी और नंदकिशोर बाबू के मोबाइल नंबर लेकर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया।
नगर पालिका में अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण ठेकेदारों के सामने अपनी निविदाएं जमा करवाने का संकट खड़ा हो गया। इंतजार करते-करते दोपहर 12 बजे निविदाएं जमा करने की अंतिम समय सीमा निकल गई। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक निविदाएं खोलने का निर्धारित समय भी समाप्त हो गया। ठेकेदारों का कहना था कि समय सीमा निकल जाने के बाद निविदाएं जमा करवाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इस दौरान कुछ ठेकेदार नगर पालिका कार्यालय से चले गए, जबकि बाहर से आए कई ठेकेदार दोपहर बाद तक वहीं रुके रहे।
पत्रकारों के मौके पर पहुंचने और फोटो-वीडियो बनाने के बाद दो बजे के काफी देर बाद ठेकेदारों से कहा गया कि वे अपनी निविदाएं कमरा नंबर 2 में जमा करवा सकते हैं। हालांकि, वहां मौजूद कार्मिकों ने निविदाएं लेने की जिम्मेदारी स्वीकार करने से मना कर दिया। इससे ठेकेदार संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने अपनी शिकायत उपखंड अधिकारी के समक्ष रखने का निर्णय लिया।
नगर पालिका की ओर से जारी निविदाओं में कुल तीन कार्य शामिल थे। इनमें नगरपालिका क्षेत्र में एलईडी लाइटों की सप्लाई और फिक्सिंग, आरसीसी के बिजली के खंभों एवं ब्रेकेट्स की सप्लाई और फिक्सिंग, जिसमें एलटी सपोर्टिंग एसेसरीज भी शामिल थीं, तथा मौजूदा हाई मास्ट खंभों पर हाईपावर फ्लड लाइटों की सप्लाई और फिक्सिंग के कार्य शामिल थे। इन तीनों कार्यों की कुल निविदा राशि 53 लाख रुपये थी।
ठेकेदारों ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कार्यालय में कामकाज के लिए समयबद्ध व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का भी कोई निश्चित समय दिखाई नहीं देता और कार्यालय में जिम्मेदारी तय करने वाला कोई उपलब्ध नहीं था। मंगलवार को निविदा प्रक्रिया के दौरान हुई इस स्थिति ने बाहर से आए ठेकेदारों की परेशानी बढ़ा दी।
इसके बाद परेशान ठेकेदार उपखंड कार्यालय पहुंचे और उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका मंडल लाडनूं की कार्यप्रणाली की शिकायत दर्ज करवाई। ज्ञापन में नगर पालिका मंडल लाडनूं द्वारा ऑनलाइन टेंडर की डी.डी. और कागजात जमा नहीं किए जाने तथा बाबू नंदकिशोर की मनमर्जी को लेकर शिकायत की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पत्र क्रमांक नपाला/2026-27/4103, दिनांक 22.10.2026 के तहत जारी ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में आवेदन और दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख 27.10.2026 को दोपहर 12 बजे तक थी। इसके बावजूद नगर पालिका के सभी कार्यालयों में ताले लगे मिले। अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन करने पर उन्होंने कॉल नहीं उठाई और ठेकेदारों की निविदाओं की प्रतियां भी जमा नहीं ली गईं।
ठेकेदारों ने ज्ञापन में बताया कि प्रत्येक टेंडर के लिए आवेदन तैयार करने और प्रक्रिया में शामिल होने पर करीब 5,000 रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद अधिशाषी अधिकारी और बाबू नंदकिशोर चौधरी की ओर से अपने कर्तव्य को लेकर कोई जवाबदेही और जिम्मेदारी नहीं ली गई। जयपुर, कोटा, डीडवाना सहित दूरदराज के क्षेत्रों से लाडनूं पहुंचे ठेकेदारों को संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की लापरवाही के कारण परेशानी उठानी पड़ी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि नगर पालिका मंडल लाडनूं के अधिकारियों ने उन्हें कोई सही जवाब नहीं दिया। ठेकेदारों ने मांग की कि उनके द्वारा भरकर लाए गए टेंडर आवेदन जमा करवाने के लिए आवश्यक आदेश जारी कराए जाएं। ऐसा नहीं होने की स्थिति में सभी संबंधित एनआईटी निरस्त करवाई जाएं, ताकि निर्धारित समय पर निविदाएं जमा नहीं हो पाने के मामले का समाधान हो सके।
उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने वालों में कोटा के देवेन्द्र राठौड़, डीडवाना के सुरेश कुमार, किशनगढ़ के नरेश सिंह चौहान, जयपुर के जोगेंद्र सिंह और डीडवाना के राजवीर चौधरी शामिल रहे। अब यह मामला नगर पालिका की निविदा प्रक्रिया में निर्धारित समय, कार्यालयीन जवाबदेही और ठेकेदारों की शिकायतों से जुड़ गया है। 53 लाख रुपये के तीनों कार्यों की निविदाओं को लेकर ठेकेदारों ने जमा करने की समय सीमा निकलने और संबंधित कार्मिकों के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

Jagdish Saini, Nagaur
नाम: जगदीश यायावर सैनी
वर्तमान पद: संपादक (कलम कला) एवं संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: लाडनूं, जिला- डीडवाना-कुचामन एवं नागौर (राजस्थान)
अनुभव: पत्रकारिता के क्षेत्र में 51 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विषय (खेल जगत को छोड़कर)
अनुभव और विशेषज्ञता
जगदीश यायावर सैनी पिछले 51 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
- अपने इस लंबे करियर में उन्होंने विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों में कार्यालय संवाददाता, उप संपादक, समाचार संपादक और सह संपादक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
- उन्होंने 'दैनिक भास्कर' में 20 वर्षों तक नियमित रिपोर्टिंग की है।
- वर्तमान में वह 'कलम कला' के संपादक हैं और हाल ही में 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हैं।
- खेल जगत को छोड़कर, उनकी अपराध जगत, सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों की खबरों पर मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
स्नातक (Graduation) एवं अन्य उच्च शिक्षा।
