मुंबई। देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी के आगामी चुनावों को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज है, लेकिन असली रोमांच 'सट्टा बाजार' की गलियों में नजर आ रहा है। राजनीतिक दलों के बीच जारी कांटे की टक्कर के बीच अवैध सट्टा बाजार ने अपनी भविष्यवाणियां जारी कर दी हैं, जिसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि मुंबई की सत्ता पर काबिज होने के लिए बुकी और सटोरियों ने बीजेपी-शिंदे गठबंधन को अपनी पहली पसंद बनाया है और इस चुनावी दांव में अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये लग चुके हैं।

मुंबई की सत्ता का यह संग्राम केवल 227 वार्डों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की भविष्य की राजनीति की दिशा और दशा भी तय करेगा। एक तरफ जहाँ बीजेपी और शिवसेना (शिंदे) अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर एनसीपी (अजित पवार), एनसीपी (शरद पवार), कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सट्टा बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो ठाणे और मुंबई में महापौर पद के लिए बीजेपी-शिंदे गठबंधन का पलड़ा काफी भारी दिख रहा है। यहाँ इस गठबंधन के लिए सट्टे का अनुपात महज 30 पैसे है, जबकि एमएनएस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार गुट) के गठबंधन पर यह भाव 2.60 रुपये और कांग्रेस के लिए 7.50 रुपये तक पहुंच गया है।

बाजार का यह रुझान केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। ठाणे में भी बीजेपी-शिंदे गठबंधन के लिए 40 पैसे का भाव चल रहा है, जबकि विरोधी यूबीटी-एनसीपी (शरद पवार) गठबंधन 3 रुपये के भाव पर काफी पीछे नजर आ रहा है। मीरा-भायंदर में बहुजन विकास आघाड़ी पर 1.10 रुपये का दांव है, तो नवी मुंबई में कद्दावर नेता गणेश नाइक के पक्ष में 38 पैसे का भाव बाजार की नब्ज बयां कर रहा है। वहीं, पुणे-बारामती के हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में अजित पवार की एनसीपी 52 पैसे के साथ बढ़त बनाए हुए है, जबकि यहाँ बीजेपी-शिंदे गठबंधन के लिए 1.70 रुपये का भाव दर्ज किया गया है।

सट्टेबाजों का यह जाल इतना गहरा है कि केवल जीत-हार ही नहीं, बल्कि सीटों के अंतर और मतदान प्रतिशत तक पर दांव लगाए जा रहे हैं। अनुमान है कि सट्टे की कुल राशि हजारों करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के सख्त निर्देशों के बाद शहर भर में निगरानी बढ़ा दी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टेबाज पुलिस की पकड़ से बचने के लिए गुजरात और दुबई से सुरक्षित इंटरनेट चैनलों, एन्क्रिप्टेड ऐप्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स का सहारा ले रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीएमसी का यह चुनाव अब केवल उम्मीदवारों की साख का नहीं, बल्कि सट्टा बाजार के उन अनुमानों की अग्निपरीक्षा भी है जिसने पूरे राज्य की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

Pratahkal Bureau

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