क्या है Vertical Property Card? जानिए कैसे 7/12 रिकॉर्ड में आएगा फ्लैट मालिक का नाम...
महाराष्ट्र सरकार ने देश का सबसे बड़ा संपत्ति सुधार लागू किया। अब हर फ्लैट मालिक को वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड मिलेगा, जिसमें फ्लैट के साथ-साथ जमीन में मालिकाना हिस्सा और नाम 7/12 रिकॉर्ड में दर्ज होगा। यह कार्ड बैंक लोन, बिक्री और वारिस ट्रांसफर प्रक्रिया को सिर्फ 48 घंटे में आसान बनाएगा।

महाराष्ट्र सरकार ने आज ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश के सबसे बड़े संपत्ति सुधार की घोषणा की। अब हर फ्लैट मालिक को ‘वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड’ मिलेगा, जिसमें फ्लैट के साथ-साथ उस इमारत के नीचे स्थित जमीन में मालिक का व्यक्तिगत हिस्सा स्थायी रूप से दर्ज होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आज से एक फ्लैट केवल छत नहीं है, बल्कि जमीन का भी मालिकाना हक है।”
इस कार्ड में इमारत का कुल क्षेत्रफल, आपके हिस्से का सटीक विवरण जैसे 1/150 हिस्सेदारी और डिजिटल सिग्नेचर सहित QR कोड शामिल होगा। सबसे महत्वपूर्ण, अब आपका नाम गांवों के 7/12 भूमि रिकॉर्ड की तरह शहरी क्षेत्रों में भी दर्ज होगा। नए फ्लैटों के लिए यह कार्ड 1 जनवरी 2026 से अनिवार्य होगा, जबकि मौजूदा 2 करोड़ फ्लैट मालिक इसे केवल ₹500 में 2027 तक प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्ड के जरिए बैंक लोन, पुनर्विकास अनुमति, वारिसों में ट्रांसफर—सभी कार्य केवल 48 घंटे में पूरे किए जाएंगे।
राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा, “60 साल की जटिलताओं का अंत इस एक कार्ड के साथ हुआ। महाराष्ट्र ने देश को नया मॉडल दिया है।”
वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड क्या प्रदान करेगा?
मुख्य संपत्ति कार्ड के साथ, हर मालिक को व्यक्तिगत वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड के लाभ भी मिलेंगे। उदाहरण के लिए, यदि भवन के नीचे कुल कार्पेट क्षेत्रफल 10,000 वर्ग फुट है, तो आपका हिस्सा 99.25 वर्ग फुट जमीन और 800 वर्ग फुट वर्टिकल (एयरस्पेस) हिस्सा होगा। QR कोड और डिजिटल सिग्नेचर के कारण इसमें कोई भी छेड़छाड़ करना असंभव होगा।
7/12 रिकॉर्ड में नाम
जैसे ग्रामीण किसान अपने हिस्से को 7/12 भूमि रिकॉर्ड में देखते हैं, अब मुंबई, पुणे जैसे शहरों में फ्लैट मालिक भी अपने हिस्से को इसी तरह देख सकेंगे। उदाहरण के लिए लिखा जाएगा: “गट नंबर 456/2, हिस्सा 1/120।” यह सुविधा बिक्री, बंधक और वारिस ट्रांसफर की प्रक्रिया को बेहद सरल बना देगी।
इस सुधार की आवश्यकता क्यों?
फ्लैट मालिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अक्सर बिल्डर पुनर्विकास के दौरान धोखाधड़ी करते थे, बैंक स्पष्ट भूमि अधिकार न होने के कारण लोन देने से इनकार कर देते थे और कोर्ट मामलों में फैसले 15-20 साल तक लंबित रहते थे। इन कारणों से 2 करोड़ से अधिक फ्लैट मालिक दशकों से परेशान थे।
कब और कैसे मिलेगा?
उच्च स्तरीय समिति दिसंबर 2025 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। नए फ्लैटों के लिए यह कार्ड जनवरी 2026 से अनिवार्य होगा। पुराने फ्लैट मालिक इसे दो साल के भीतर (दिसंबर 2027 तक) केवल ₹500 में अपडेट करवा सकते हैं। अब आपकी जमीन आधिकारिक रूप से आपके नाम पर होगी।
इस सुधार के साथ फ्लैट केवल “मेरा घर” नहीं, बल्कि “मेरी जमीन + मेरा घर” बन गया है। सरकार ने 60 साल की जटिलताओं को इस एक कदम में समाप्त कर दिया है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
