विरार: आरटीआई कार्यकर्ता आत्माराम पाटील की पत्थरों से मारकर हत्या
पालघर के बौखलपाड़ा में अवैध खदान निरीक्षण के दौरान हमलावरों ने मंडल अधिकारी पर हमला किया और आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या कर दी।

विरार के बौखलपाड़ा में 12 मई 2026 को आरटीआई कार्यकर्ता आत्माराम पाटील की हत्या के बाद घटनास्थल पर जांच करती फॉरेंसिक टीम और पुलिस बल।
पालघर जिले के विरार पूर्व स्थित बौखलपाड़ा क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक आरटीआई कार्यकर्ता की पत्थरों से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस खूनी संघर्ष के दौरान हमलावरों ने कर्तव्य पर तैनात क्षेत्रीय मंडल अधिकारी को भी निशाना बनाया। इस हत्याकांड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, 12 मई 2026 की दोपहर विरार पुलिस निरीक्षक (पीआई) एल. एम. तूरे को एक अज्ञात नंबर से सूचना मिली कि बौखलपाड़ा की एक खदान में खड़ी कार के भीतर एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पीआई तूरे पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अग्निशमन विभाग की सहायता से कार में फंसे शव को बाहर निकाला। प्राथमिक जांच और पंचनामा के दौरान मृतक की पहचान आत्माराम पाटील के रूप में हुई, जो वसई-विरार महानगर पालिका क्षेत्र के एक सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ता थे। आत्माराम पाटील अक्सर आरटीआई के माध्यम से प्रशासन में व्याप्त बड़े पैमाने के भ्रष्टाचार को उजागर करते रहते थे।
वारदात की गहराई में जाने पर पता चला कि विरार ईस्ट के शिरगांव में महेश पाटिल की एक खदान है, जहां अवैध रूप से ब्लास्टिंग (धमाके) की जा रही थी। इन धमाकों के कारण आसपास के गांवों के घरों में दरारें आ रही थीं, जिसकी शिकायत आत्माराम पाटील ने राजस्व विभाग (रेवेन्यू डिपार्टमेंट) से की थी। इस शिकायत से बौखलाए पाटिल परिवार ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। मंगलवार, 12 मई को दोपहर करीब 1 बजे, विरार मंडल अधिकारी प्रभाकर पाटील अपनी टीम और शिकायतकर्ता आत्माराम पाटील के साथ सरकारी गाड़ी में खदान का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद खदान मालिक पाटिल के परिवार ने हिंसक हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले मंडल अधिकारी प्रभाकर पाटील पर लकड़ी के डंडों से जानलेवा हमला किया, जिसमें वे बाल-बाल बचे और उन्हें उपचार हेतु तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इसके तुरंत बाद आरोपियों ने आत्माराम पाटील को घेर लिया और उन पर भारी पत्थरों से प्रहार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। विरार पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चंद घंटों के भीतर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ जारी है। यह घटना प्रशासन और भू-माफियाओं के बीच के खतरनाक टकराव और आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Pratahkal Bureau
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