देर से आई बारिश बनी आफत, वसई-विरार जलमग्न; महानगर पालिका के दावों पर उठे सवाल
वसई-विरार में 12 घंटे की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया, पुलिस स्टेशन भी जलमग्न हुए। मानसून पूर्व तैयारियों के दावों पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

वसई-विरार में 23 जून की रात से शुरू हुई 12 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद नालासोपारा और विरार के निचले इलाकों की सड़कों पर भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हुआ।
मानसून की देरी से हुई दस्तक ने वसई-विरार महानगर पालिका क्षेत्र के लाखों नागरिकों के लिए राहत के बजाय परेशानी का बड़ा कारण बनकर सामने आई। 23 जून 2026 की शाम शुरू हुई बारिश ने रातभर विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। लगातार लगभग 12 घंटे तक हुई मूसलाधार वर्षा ने महानगर पालिका की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोल दी।
वसई-विरार क्षेत्र में सामान्यतः जून के पहले सप्ताह में बारिश शुरू हो जाती है, लेकिन इस वर्ष मानसून करीब 15 दिन की देरी से पहुंचा। हालांकि, देर से आई बारिश ने आते ही अपना असर दिखाया और कई इलाकों में व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रातभर हुई भारी बारिश के कारण सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
नालासोपारा पूर्व के तूलिंज, नागिनदास पाड़ा, आचोले, मोरेगांव, डॉन गली, सेंट्रल पार्क, गाला नगर और अलका पुरी सहित कई निचले क्षेत्रों में सड़कों पर बरसाती पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर हालात ऐसे बन गए कि सड़कें नदी जैसी दिखाई देने लगीं। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विरार पुलिस स्टेशन और तूलिंज पुलिस स्टेशन परिसर में भी करीब दो फीट तक पानी भर गया। इसके चलते पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित कार्यों के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
भारी जलभराव का सबसे अधिक असर दैनिक यात्रियों पर पड़ा। मुंबई जाने वाले हजारों लोकल यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए कमर तक पानी में पैदल चलना पड़ा। कई स्थानों पर ऑटो रिक्शा चालकों ने जलभराव के कारण जाने से इनकार कर दिया, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। वसई और विरार पूर्व के विभिन्न क्षेत्रों में भी यही स्थिति देखने को मिली।
सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। जलमग्न सड़कों और अवरुद्ध मार्गों के बीच स्कूली बच्चों को जोखिम उठाकर विद्यालय पहुंचना पड़ा। स्थानीय रहवासियों ने भी दिनभर जलभराव और यातायात बाधित होने से अनेक कठिनाइयों का सामना किया।
गौरतलब है कि 22 जून 2026 को ही महानगर पालिका प्रशासन द्वारा मानसून के दौरान संभावित बाढ़, भारी बारिश, तूफान, आग और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए आपातकालीन नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन किया गया था। महापौर और आयुक्त ने विभिन्न बैठकों और महासभाओं में यह दावा किया था कि छोटे-बड़े सभी नालों की सफाई पूरी कर ली गई है तथा इस बार बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नहीं होगी। लेकिन बारिश के पहले ही बड़े दौर ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सहायता के लिए महानगर पालिका प्रशासन ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002673898 और 18002334353 जारी किए हैं। इसके अलावा संपर्क नंबर 7058911255 भी उपलब्ध कराया गया है।
लगातार हुई बारिश के बाद उत्पन्न हालात ने एक बार फिर शहरी जलनिकासी व्यवस्था, मानसून पूर्व तैयारियों और आपदा प्रबंधन तंत्र की प्रभावशीलता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में यदि वर्षा का यही क्रम जारी रहता है तो प्रशासन के सामने चुनौती और भी बड़ी हो सकती है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
