बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति का संकेत देते हुए, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के हरित अनुसंधान एवं विकास केंद्र में हाइड्रोथर्मल लिक्विफैक्शन (एचटीएल) पायलट प्लांट का औपचारिक उद्घाटन किया।

इस अत्याधुनिक सुविधा के माध्यम से समुद्री शैवाल को बायो-क्रूड और अन्य मूल्यवान जैव-उत्पादों में परिवर्तित किया जाएगा, जो भारत की सतत ऊर्जा और जैव-ऊर्जा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत कदम उठाए गए हैं।

एचपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल, निदेशक – रिफाइनरीज़ एस. भरतन, और कार्यकारी निदेशक – कॉर्पोरेट अनुसंधान एवं विकास विपुल माहेश्वरी ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। मंत्री पुरी ने एचपीसीएल हरित अनुसंधान एवं विकास केंद्र की आधुनिक तकनीकी क्षमताओं और 37% महिला नेतृत्व वाली 150 से अधिक वैज्ञानिकों की नवाचारपूर्ण गतिविधियों की सराहना की।

इस उद्घाटन से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि भारत की ऊर्जा नीति केवल उत्पादन पर ही केंद्रित नहीं है, बल्कि सतत और पर्यावरण-सम्मत तकनीकों के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पायलट प्लांट भविष्य में देश में जैव-ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा प्रौद्योगिकी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

एचटीएल पायलट प्लांट का शुभारंभ न केवल अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि यह भारत को वैश्विक ऊर्जा मानचित्र पर सतत और हरित ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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