मुंबई। जीवनदान का पुण्य अवसर, समाजसेवा की अनूठी मिसाल और मानवता का सजीव प्रदर्शन ऐसा दृश्य रविवार को सायन कोलीवाड़ा में देखने को मिला, जब तेरापंथ युवक परिषद ने एक साथ तीन रक्तदान शिविरों का आयोजन किया। इस आयोजन में कुल 170 यूनिट रक्त का संग्रहण हुआ, जो कई ज़िंदगियों को नया जीवन देने का माध्यम बनेगा।

शिविर का शुभारंभ सांसद अनिल देसाई ने किया। उन्होंने युवाओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि जीवन बचाने का एक महान संकल्प है। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को रक्तदान के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि आज भी कई लोग समय पर रक्त न मिलने के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं, ऐसे में इस तरह के सामूहिक आयोजन समाज के लिए अमूल्य योगदान हैं।

आयोजन की सफलता में तेरापंथ युवक परिषद सायन कोलीवाड़ा के पदाधिकारियों और सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। परिषद अध्यक्ष सुनिल दुग्गड़ ने कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं की सामूहिक ऊर्जा और समाजहित की भावना का प्रतीक है। मंत्री नवीन सांखला और कोषाध्यक्ष अभिषेक इंटोदिया ने भी शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अतिरिक्त अविनाश इंटोदिया, केतन धाकड़, दर्शन दुग्गड़, हितेश कोठारी, कमलेश सांखला, पार्थ कोठारी और जिगर डांगी की सहभागिता ने आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया।

महिला मंडल का योगदान भी इस आयोजन में विशेष उल्लेखनीय रहा। उनके सक्रिय सहयोग के बिना यह प्रयास संभव न होता। महिला मंडल की सदस्याओं ने शिविर में न केवल व्यवस्था को संभाला, बल्कि आने वाले रक्तदाताओं का स्वागत कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया।


आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हुए। कई ऐसे लोग भी रक्तदान करने पहुँचे, जिन्होंने पहली बार इस पुण्य कार्य में कदम रखा। उनके उत्साह और संकल्प ने शिविर के वातावरण को और अधिक प्रेरणादायी बना दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि रक्तदान जैसी गतिविधियाँ न केवल ज़रूरतमंदों के जीवन की रक्षा करती हैं, बल्कि समाज में सहयोग और मानवीय एकता की भावना को भी मज़बूत करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस अवसर पर कहा कि नियमित रक्तदान से स्वयं रक्तदाता के शरीर को भी लाभ होता है और यह स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करता है।

सायन कोलीवाड़ा में तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय रक्तदान शिविर, अपने उद्देश्य और उपलब्धि दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। 170 यूनिट रक्त का संग्रहण केवल आँकड़ा नहीं, बल्कि उन सैकड़ों ज़िंदगियों का प्रतीक है जिन्हें यह रक्त समय पर मिलकर बचा सकेगा। समापन के अवसर पर आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि रक्तदान का यह अभियान निरंतर चलता रहेगा और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास होगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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